मथुरा। गर्मियों में गांवों में तालाब भरने के आदेश हवा हवाई साबित हो रहे हैं। अफसरों ने गांवों में तालाब भरने के आदेश तो दे दिए लेकिन किसी अधिकारी ने यह नहीं देखा कि तालाब भरे गए या नहीं। तालाब भरने के लिए नहर व रजबहा से जुड़ी ज्यादातर नालियों पर कब्जे हो गए। अब पानी भरने के लाले पड़े हैं।
एक अप्रैल से जिलाधिकारी ने सीडीओ, एसडीएम व बीडीओ को गांवों के तालाब में साफ पानी भरवाने के आदेश किए। साथ ही सिंचाई विभाग को नहर व रजबहा में तालाब भरने के लिए पानी छोड़ने के आदेश किए। लेकिन तालाब के लिए पानी पहुंचाने के लिए बनी नालियां या तो मिटा दी गईं या फिर उन पर कब्जे हो गए। अब हालात यह है कि 157 तालाबों में से 117 तालाबों में थोड़ा बहुत ही पानी पहुंचा है।
जिले के 40 तालाब ऐसे हैं जिनके लिए न तो पानी के इंतजाम हैं और न रजबहा से तालाब तक पानी भरने को नाली बनी है। इन तालाबों में थोड़ा बहुत घरों का ही गंदा पानी भरा है। इन तालाबों में रजबहा से पानी के लिए नाली आदि न होने को लेकर पंचायत सेक्रेट्री ने 40 तालाबों को भरवाने में असमर्थता जताई है। इसकी रिपोर्ट डीपीआरओ को सौंपी है।