जिला अस्पताल परिसर स्थित चिकित्सक आवास की स्थिति जर्जर है। चिकित्सक आवासों के इर्द-गिर्द गंदगी जमा है और ऊबड़-खाबड़ रास्ते बने हुए हैं। जलभराव की स्थिति डाक्टरों के लिए खासी परेशानी बनी हुई है।
शासन ने जिला अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों को अस्पताल कैं पस में ही रहने के निर्देश हैं। लेकिन सरकारी चिकित्सकों के आवास की जर्जर हालत है। अस्पताल में तैनात अधिकांश चिकित्सक सरकारी आवास में रहने से कतराते हैं। कई चिकित्सक विभागीय कार्यवाही से बचने के लिए सरकारी आवास पर अपनी नेम प्लेट लगा आसपास की कॉलोनी में रह रहे हैं।
केवल चार चिकित्सकों सहित पैरामेडीकल स्टॉफ के कुछ लोग ही सरकारी आवास में रहते हैं। चिकित्सक आवासों के इर्द-गिर्द गंदगी जमा है। आवास से ओपीडी की ओर जाने वाले रास्ते उबड़-खाबड़ होने के कारण जलभराव की स्थिति रहती है।
जिला अस्पताल परिसर में चिकित्सा सेवा विभाग के अफसर, प्रशासनिक अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधि निरीक्षण करते रहते हैं। लेकिन जर्जर चिकित्सक आवास हर बार उनकी नजर से दूर ही रह जाते हैं।
चिकित्सकों की समस्या सही है। भवनों को तुड़वाकर चिकित्सकों के लिए नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति शासन से मिल चुकी है। समाज कल्याण विभाग की निर्माण शाखा को निर्माण कराने को अधिकृत भी किया है। निर्माण कार्य जल्द शुरू करा दिया जाएगा।
- डा. आरके पांडे, प्रभारी सीएमएम