आगरा अलीगढ के बीच प्रस्तावित हाइवे इस तरह से होगा स्रोत : ए आई
आगरा। नए हाईवे के जरिये आगरा से अलीगढ़ के बीच एक घंटे में पहुंचा जा सकेगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी के आगरा-अलीगढ़ के बीच प्रस्तावित 86 किमी लंबे सिक्सलेन हाईवे में बाधा बन रहे 2016 पेड़ काटने पर सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी ने सहमति जताई है। कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें एनएचएआई को अनुमति देने और इसके एवज में 20,160 पेड़ लगाने की सिफारिश की गई है।
सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी के चेयरमैन सिद्धांत दास की ओर से दाखिल रिपोर्ट में कहा गया है कि 86 किमी लंबे हाइवे में टीटीजेड में 37 किमी का हिस्सा है, जो हाथरस के असरोई से आगरा के खंदौली में यमुना एक्सप्रेसवे तक बनाया जाएगा। इस रोड पर भारी वाहनों के कारण जाम और दुर्घटनाएं ज्यादा हो रहीं हैं।
सीईसी ने 2016 पेड़ों को काटने पर दस गुना यानी 20,160 पेड़ लगाने की सिफारिश की है, जिसमें नीम, बबूल, शीशम, पीपल और जामुन जैसी स्वदेशी प्रजातियां लगानी होंगी। एनएचएआई ने प्रतिपूर्ति पौधरोपण के लिए 22.595 हेक्टेयर जमीन फतेहाबाद के गांव बिचौला और मदयाना में जिला प्रशासन से आवंटित कराई है। सुप्रीम कोर्ट से सीईसी ने सिफारिश की है कि पौधरोपण का पूरा खर्च एनएचएआई उठाएगा और दस साल तक देखरेख करेगा। 6 फीट ऊंची चेन लिंक फेंसिंग लगाई जाएगी।
इन पेड़ों के अतिरिक्त एक भी पेड़ काटा तो हर पेड़ के लिए एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाए। प्रस्तावित हाईवे में 7 पुल, 90 कलवर्ट, एक टोल प्लाजा, 5.9 किमी लंबे सर्विस रोड और दो रेस्ट एरिया बनाए जाएंगे। इस पर 100 किमी की रफ्तार से वाहन चल सकेंगे। हाइवे निर्माण में आगरा में 992 और सादाबाद में 699 पेड़ आ रहे हैं।