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दो कालेज भवनों में मिले चार बीटीसी कालेज

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दो कालेज भवनों में मिले चार बीटीसी कालेज
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शासन के आदेश पर की जा रही जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
मथुरा। फरह स्थित गांव महुअन में दो डिग्री कालेज भवनों पर चार बीटीसी कालेजों की मान्यता का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। डायट प्राचार्य के निरीक्षण दौरान हुए खुलासे के बाद इन कालेजों की मान्यता आहरण की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। फर्जीवाड़े में पकड़े गए कालेजों का संचालन क्षेत्रीय ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र सोलंकी द्वारा किया जा रहा था।
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शासन द्वारा निजी बीटीसी कालेजों की 45 बिंदुओं पर जांच कराई जा रही है। इस प्रक्रिया के तहत डायट प्राचार्य डॉ. मुकेश अग्रवाल के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने फरह के गांव महुअन स्थित पांच कालेजों का एक साथ निरीक्षण किया। इसमें से मुकदम बिहारी लाल महाविद्यालय, एसएस एजुकेशन इंस्टीट्यूट तथा एमबीएल एकेडमी महुअन का भवन तो मिल गया, लेकिन मुकदम बिहारी लाल कालेज महुअन तथा एसएमबीएल एकेडमी महुअन मौके पर नहीं मिले। इनके प्रबंधतंत्र से जुड़े लोग निरीक्षण टीम को निरंतर गुमराह करते रहे कि कालेज भवन यहां है। रास्ता खराब है। गाड़ियां नहीं जा सकती। काफी मशक्कत के बाद उक्त दो कालेजों के भवन नहीं दिखाए जा सके। डायट में जब टीम ने इनकी संबद्धता की फाइल को पलटकर देखा तो मुकदम बिहारी लाल महाविद्यालय और एसएस एजुकेशन इंस्टीट्यूट के नाम से पूर्व से संचालित कालेजों के नाम पर मामूली फेरबदल करते हुए नए प्रबंधन के नाम पर नवीन मान्यता का खेल सामने आ गया। इस फर्जीवाड़े की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। जांच अधिकारी डायट प्राचार्य डॉ. मुकेश अग्रवाल ने बताया कि शासन के आदेश पर जांच की जा रही है। प्रबंधक और ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र सोलंकी का कहना है कि डायट प्राचार्य ने तीन कालेजों का निरीक्षण किया है। बाकी का करेंगे तो भवन मौजूद हैं।
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