सरकारी खरीद केंद्र पर गेहूं की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। तुलाई न हो पाने पर किसान अपना गेहूं क्रय केंद्र पर छोड़ जाता है न तो उसको ही भीगने से बचाने पर ध्यान दिया जा रहा और अब तक जो गेहूं खरीदा जा चुका है उसको बचाने के भी इंतजाम नहीं किया गया है। जिससे गेहूं खुले में यूं ही पड़ा है। गेेहूं के ढकने के इंतजाम न किए जाने से रात के समय हुई बूंदाबांदी से गेहूं में नमी आ गई।
जनपद में गेहूं की खरीद के लिए 49 केंद्र निर्धारित किए गए है। इन केंद्रों पर गेहूं की खरीद में लापरवाही बरती जा रही है। गल्ला मंडी पर चार क्रय केंद्र बने हुए हैं। शनिवार को गल्ला मंडी पर कई किसानों का गेहूं नहीं तुल सका। इससे ये किसान अपना गेहूं केंद्र पर छोड़ गए। इसके बाद से लगातार दो दिन से अवकाश चल रहा है। इससे दो दिन से केंद्रों पर गेहूं की तुलाई नहीं हो पाई। किसान अपना केंद्र पर छोड़कर चले गए उसको ढकने तक का कोई इंतजाम नहीं किया गया। रविवार की रात को कई बार बूंदाबांदी हुई, जिससे खुले में रखा किसान का गेहूं नम हो गया। शासन से किसान के गेहूं की खरीद के लिए नमी की मात्रा निर्धारित है। यदि नमी की मात्रा अधिक हो तो गेहूं की खरीद नहीं हो सकती।
गेहूं क्रय केंद्रों पर अभी तक जो गेहूं खरीदा गया है उसकी सुरक्षा के भी इंतजाम नहीं किए गए है। केंद्रों पर गेहूं के बोरों के यू हीं ढेर लगा दिए गए है। सैकड़ों बोरी गेहूं खुले में रखी हुई है। रात में हुई हल्की बूंदाबांदी से बोरियों में रखा गेहूं भी प्रभावित हुआ है। मौसम का कोई भरोसा नहीं कब दगा दे जाए। यदि तेज बारिश हो गई तो खुले में पड़ा किसान का गेहूं, व खरीदा जा चुका गेहूं भीगने की स्थिति में बर्बाद हो जाएगा, लेकिन इस ओर एजेंसियों के संचालकों का ध्यान नहीं है।
अपर जिलाधिकारी ने जताई नाराजगी
कासगंज। अपर जिलाधिकारी राकेश कुमार गल्ला मंडी के क्रय केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे। क्रय केंद्रों पर गेहूं को खुले में देखकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। केंद्र पर मौजूद कर्मी से उन्होंनें गेहूं के खुले में पड़े होने के कारणों की जानकारी भी की। बताया गया कि पल्लेदार अधिक मजदूरी मांग रहे हैं, जिससे तुलाई पर असर पड़ रहा है। उन्होंने खुले में रखे गेहूं को ढकने के निर्देश दिए।