सांप्रदायिक हिंसा की घटना के बाद से पुलिस अधिकारी लगातार लापरवाह पुलिसकर्मियों एवं गैरहाजिर चल रहे पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कदम अपनाए हुए हैं। पुलिस अधीक्षक पीयूष कुमार श्रीवास्तव ने 5 पुलिस कर्मियों को निलंबित किया है।
गौरतलब है कि 26 जनवरी को हिंसा की घटनाओं में पुलिस की लापरवाही को लेकर भी सवाल उठे। मीडिया की सुर्खियों में भी पुलिस की लापरवाही बनी रही। लोगों ने सार्वजनिक तौर पर भी पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए आलोचना की। हिंसा के दौरान ही जिले में पीयूष श्रीवास्तव को पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। सबसे पहले उन्होंने तीन चौकी प्रभारियों को लाइन हाजिर किया। इसके अलावा अन्य थानों में पुलिस की तैनाती में फेरबदल किए। दो दिन पूर्व एक दरोगा को गैरहाजिर होने पर निलंबित किया। बुधवार को पुलिस अधीक्षक ने कर्तव्य पालन में लापरवाही पर 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। इन निलंबित कर्मियों में सहायक उपनिरीक्षक लिपिक प्रकाश चंद्र गौतम 13 फरवरी को कार्यालय में अनुपस्थित पाए गए। सिपाही नितिन कुमार 3 अगस्त से लगातार गैरहाजिर हैं। सिपाही मनोज कुमार 1 फरवरी से गैर हाजिर हैं। सिपाही विनोद कुमार 31 दिसबंर से गैर हाजिर हैं। वहीं महिला कांस्टेबल भारती यादव 13 फरवरी को हवालात ड्यूटी पर भेजी गईं, ड्यूटी पर न जाकर वह गैर हाजिर हो गईं।
पुलिस अधीक्षक लगातार पुलिस को सक्रिय करने के लिए निर्देश दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि कर्तव्य पालन में लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मी बख्शे नहीं जाएंगे।