आगरा। नगर निगम के विकास कार्यों में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की वजह से पैदा हुए गतिरोध को समाप्त करने के लिए शासन ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत आगणन जीएसटी रहित होगा और फर्म को जीएसटी का भुगतान करना होगा, इसकी प्रतिपूर्ति निगम करेगा।
नगर निगम के विकास कार्यों में जीएसटी लागू करने में दिक्कत हो रही थी। दरअसल अलग-अलग वस्तुओं पर अलग-अलग दर लागू होने की वजह से यह समस्या हो रही थी। इस समस्या का हल निकालते हुए शासन ने स्थिति को स्पष्ट कर दिया है।
प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह का कहना है कि निकायों द्वारा कराए जाने कार्यों के आगणन तैयार कर सक्षम अधिकारी से अनुमोदन लेना होगा। यह आगणन जीएसटी रहित होगा। इसके बाद निविदा आमंत्रित की जाएगी। कार्य की समाप्ति के बाद निगम फर्म को भुगतान करेगी। फर्म को जीएसटी का भुगतान करना होगा और जीएसटी के बाउचर निकाय में जमा करने इस धनराशि की प्रतिपूर्ति निकाय द्वारा फर्म को की जाएगी।