जोरदार धमाके से आटा चक्की के उड़े परखच्चे
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एटा। धमाका, दहशत और कोहराम। आटा चक्की को चलता देखने के लिए खड़े बच्चे और लोगों पर चक्की मौत बनकर फटी। जोरदार धमाके के साथ चक्की के परखच्चे उड़ गए और तीन लोग काल के गाल में समा गए। धमाका सुनकर ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ लिए। ग्रामीणों ने तेजी से अपनों को बचाने का प्रयास किया।
निधौलीकलां थाना क्षेत्र के गांव झिनवार में बुधवार शाम को हुए हादसे ने तीन लोगों को अपना शिकार बना लिया। बताया जाता है कि गांव में ट्रैक्टर चालित आटा चक्की पर आटा पिसवाने के लिए भीड़ लगी हुई थी। गांव की महिला कृष्णादेवी, बालक अनिकेश और राजबहादुर चक्की के काफी नजदीक खड़े थे। तभी अचानक जोरदार धमाके साथ चक्की फट गई। चक्की फटते ही तीनों के सिर पर पत्थर लगने से वहीं पर गिर गए। जबकि दूर खड़े विक्की (12) पुत्र दीपक कुमार, भोलू (8) पुत्र सुभाष, गुरदीप (22) पुत्र कुलवीर, संदीप (22) पुत्र राजबहादुर घायल हो गए। जिला अस्पताल में भर्ती घायल संदीप ने बताया कि रोज शाम को गांव आटा चक्की चलती थी। उन्होंने बताया कि वे आटा पिसवाने के लिए खड़े थे तभी उनकी मां कृष्णादेवी वहां आ गई। वे आटा पिसने की जानकारी करने लगी कि अचानक से चक्की फट गई। मां कृष्णादेवी और पास खेल रहा भतीजा अनिकेश पत्थर लगने से गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। धमाका होते ही गांव के लोग मौके पर दौड़ पड़े। लोगों ने सभी घायलों को चक्की से दूर किया। साथ ही पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई। गांव के तीन लोगों की मौत की खबर मिलते ही कोहराम मच गया। ग्रामीणों में घटना को लेकर दहशत है।
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प्रशासनिक सुस्ती से हो रहे हादसे
जिले में आटा चक्की फटने से मौत होने का यह पहला मामला नहीं है। हादसे के बाद पुलिस-प्रशासन चक्कियों के संचालन को रोकने के दावे करता है, लेकिन असल में ऐसा नहीं होता। कुछ दिन तक चक्कियों का संचालन नहीं होता, लेकिन मामला ठंडा होने के बाद चक्कियां फिर शुरू हो जाती हैं। इसके चलते आए दिन लोग मौत का शिकार हो रहे हैं।