शहर में हुई सांप्रदायिक हिंसा की घटना की न्यायिक जांच चल रही है, लेकिन अभी तक पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले हैं जिससे जांच का कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा। जांच कर रहे एडीएम न्यायिक मनीष कुमार नाहर के समक्ष अभी तक जो लोग पहुंचे वे अपनी बेगुनाही के सबूत लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन घटना के संबंध में किसी के द्वारा न तो साक्ष्य दिया गया है और न ही बयान दर्ज कराया गया है। इस कारण जांच का कार्य आगे नहीं बढ़ पाया है।
जिलाधिकारी आरपी सिंह के निर्देश पर न्यायिक जांच कर रहे एडीएम न्यायिक मनीष नाहर ने साक्ष्य देने के लिए अब समय सीमा बढ़ा दी है। यदि कोई व्यक्ति 28 फरवरी तक कार्य दिवस में अपने साक्ष्य एवं बयान दे सकता है। एडीएम मनीष नाहर ने बताया कि उनके द्वारा जांच अभिषेक गुप्ता उर्फ चंदन की गोली लगने से हुई मौत एवं नौशाद के पैर में गोली लगने, फायरिंग और पत्थरबाजी की घटना को लेकर हो रही है। आगजनी की घटनाएं भी जांच का हिस्सा हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक जांच को लेकर पर्याप्त साक्ष्य नहीं आए हैं। इस कारण समय बढ़ाया गया है। लोग बिना किसी भय के अपना बयान और साक्ष्य घटना के संबंध में उन्हें दे सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई अपनी बेगुनाही का सबूत देना चाहता है तो उसके लिए वह पुलिस एवं संबंधित विवेचक को अपने सबूत दें। यह मजिस्ट्रेटी जांच का हिस्सा नहीं हैं।