मथुरा। यम फांस से मुक्ति के लिए बिन भाई मथुरा आई बहनों ने यमुना के घाट पर धर्म का नाता जोड़ाकर यमुना में डुबकी लगाई। किसी ने नाविक तो किसी ने गोताखोर से धर्म भाई का नाता जोड़ा। चतुर्वेदी समाज के लोगों को धर्म का भाई बनाया। धर्म भाई संग यमुना स्नान किया और माथे पर तिलक लगाकर मिठाई खिलाई।
शनिवार को यम द्वितीया के मौके पर मथुरा के विश्राम घाट पर यमुना स्नान करने मुंबई से आई पुष्पाबेन ने बताया कि उसके कोई भाई नहीं है। विश्राम घाट पर उसने चर्चा की तो चंद्रमोहन चतुर्वेदी नाम का युवक उनसे भाई का नाता बनने को तैयार हो गया। दोनों ने यमुना में डुबकी लगाई, तो पुष्पाबेन ने चंद्रमोहन के माथे पर तिलक किया और आरती उतारी और उपहार दिए।
गुजरात के अहमदाबाद से आई हिजल के भी कोई भाई नहीं है। उन्होंने भी गणेश चतुर्वेदी को धर्म का भाई बना लिया और गणेश के माथे पर तिलक किया।
गुजरात से आई मेघा ने भी इसी तरह यमुना पर भाई के रूप में अजय चतुर्वेदी से धर्म का नाता जोड़ा। धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप दोनों ने यमुना में डुबकी लगाई।