मैनपुरी। दवाओं के दुरुपयोग रोकथाम दिवस प्रत्येक वर्ष 26 जून को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य समाज में बढ़ते मादक पदार्थों के दुष्परिणामों से अवगत कराना है। साथ ही जन-साधारण को बिना डाक्टर की सलाह से दवा लेने से होने वाले नुकसान से परिचित कराना है।
चिकित्सकों का कहना है कि एंटीबायटिक दवाओं से तुरंत राहत तो मिल जाती है, लेकिन इसके घातक परिणाम भी हो सकते हैं। इतना ही नहीं वर्तमान में एंटीबायटिक दवाओं के प्रयोग ने उपचार को विफल बना दिया है। डब्ल्यूएचओ ने आगाह किया कि एंटीबायटिक्स के अधिक इस्तेमाल की वजह से दवाओं के प्रति प्रतिरोध बढ़ रहा है और उपचार वफल हो रहे हैं। बिना डाक्टर की सलाह से दवा लेने से कई नुकसान हो सकते हैं।
इतना ही नहीं गर्भवती महिला को बिल्कुल ही बिना डाक्टर की सलाह से दवा नहीं लेना चाहिए। इससे उसका गर्भपात भी हो सकता है। दवाओं को उपयोग करने से पहले एक बार चिकित्सक की सलाह अवश्य लेनी चाहिए। भले ही वे सामान्य एंटीबॉयटिक की दवायें ही क्यों न हो।
फ्लूपेंथिक्सोल: यह दवा बाजार में यह डीनजिट, प्लेसिडा, फ्रैंक्सिट जैसे ब्रांडों के साथ मौजूद है। तनाव के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। इसे प्रयोग करने के बाद खुजली होती है और कई दुष्प्रभाव भी होते हैं।
एसीनापीन
चिकित्सकों का कहना है कि यह आल्केपीन, डिफिनियम, वेलेनफ जैसे नामों के साथ बाजार में उपलब्ध है। बाइपोलर डिसऑर्डर जैसी मानसिक स्थिति में इसका प्रयोग किया जाता है। इस दवा के प्रयोग के बाद बहुत ही खतरनाक दुष्प्रभाव होते हैं, इसे खाने के बाद इस दवा को पचाना मुश्किल है, इस कारण से ही इस पर प्रतिबंध लगा है।
केटोसोनाजोल: यह फंगल इंफेक्शन के लिए प्रयोग की जाने वाली दवा बाजार में फुंगीसाइड, फूनाजोल, नाइज्रल, फाइटोरल जैसे ब्रांडों के साथ बाजार में मौजूद है। इस दवा के मात्र एक महीने तक उपयोग के बाद सिरोसिस जैसी खतरनाक लीवर की बीमारी हो सकती है।
पायोग्लिटाजोन: डायविस्टा, पायग्लार, पायोग्लिट, पायोज, पियोजोन जैसे ब्रांडों के साथ बाजार में उपलब्ध यह दवा मधुमेह के इलाज के दौरान प्रयोग की जाती है। लेकिन यह बहुत ही खतरनाक है, क्योंकि इसके कारण ब्लैड कैंसर हो सकता है, इसके अलावा दिल की विफलता का कारण भी बन सकती है।
बुक्लिजीन: लांगीफीन जैसे ब्रांड के साथ बाजार में उपलब्ध यह दवा बच्चों में भूख बढ़ाने के लिए प्रयोग की जाती है। इस दवा के प्रयोग से आंखों की समस्या, पेशाब करने में परेशानी के अलावा मतिभ्रम की स्थिति आ सकती है।
ऑर्सीप्रीनालॉइन: यह दवा अस्थमा, सीओपीडी जैसी बीमारियों के उपचार के लिए प्रयोग की जाती है। इस दवा के प्रयोग से दिल की बीमारियां होने की संभावना अधिक होती है।
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ जेजे राम कहते हैं कि बिना डाक्टर की सलाह से दवा नहीं लेना चाहिए। खासकर गर्भवती महिलाएं सिरदर्द या फिर अन्य दर्ज में बिना सलाह लिए एंटीबायटिक दवा लेती हैं। इससे उनका गर्भपात भी हो सकता है। साथ ही कई गंभीर बीमारी भी हो सकती हैं।