नियमों का उल्लंघन होने पर माननीयों पर होगी कार्रवाई
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एटा। आचार संहिता उल्लंघन किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए चुनाव आयोग ने दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसमें विधायक और मंत्रियों पर भी नियम तोड़ने की दशा में सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। इसके चलते जारी गाइड लाइन सभी माननीयों को भेज दी गई है।
चुनाव के दौरान सत्ताधारी दलों के नेताओं पर शासकीय सुविधाओं का प्रयोग करने और राजनीतिक हित सिद्ध करने के आरोप लगते रहे हैं। इसे लेकर चुनाव आयोग ने इस बार आदर्श आचार संहिता के अंतर्गत सत्ताधारी दलों के लिए अलग से निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत कोई भी सत्ताधारी दल के मंत्री और विधायक शासकीय दौरे को चुनाव प्रचार से नहीं जोड़ेंगे। साथ ही शासकीय मशीनरी और कार्मिकों का प्रयोग नहीं करेंगे। इस दौरान सरकारी वाहनों का प्रयोग भी वर्जित रहेगा। आयोग ने कहा कि कोई भी नेता सरकारी विश्रामगृह, डाक बंगले और सरकारी आवासों पर एकाधिकार नहीं जमाएंगे। इन जगहों को प्रचार कार्यालय के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। सरकारी खर्चे पर विधायकों और मंत्रियों के उपलब्धियां दिखाने के विज्ञापन नहीं प्रकाशित किए जाएंगे। कोई भी विधायक और मंत्री अपनी विवेकाधीन निधि से कोई अनुदान नहीं देगा। आयोग ने हर सत्ताधारी दल के मंत्री और विधायक पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
हर मतदान केंद्र में नहीं कर पाएंगे प्रवेश
मंत्री और विधायक केवल उन्हीं मतदान केंद्रों में प्रवेश कर सकेंगे, जहां उन्हें अनुमति होगी। इसके अलावा वे किसी भी मतदान केंद्र और मतगणना स्थल पर प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
आदर्श आचार संहिता अनुपालन में सत्ताधारी दल भी आते हैं। इसके लिए राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर निर्देश दिए गए हैं। हर नेता पर नजर रखी जाएगी।
खेमपाल सिंह, नोडल अधिकारी आदर्श आचार संहिता/एडीएम प्रशासन