मैनपुरी। शौचालय निर्माण में हर रोज एक नया घोटाला सामने आ रहा है। ग्राम प्रधान व पंचायत सचिवों की मिलीभगत से सरकारी धन का गोलमाल किया जा रहा है। ऐसा ही एक घोटाला बरनाहल की ग्राम पंचायत भिड़ौरा में मिला है। घोटाला सामने आने के बाद सचिव पर एफआईआर दर्ज कराई गई है।
विकास खंड बरनाहल की ग्राम पंचायत भिड़ौरा में शौचालयों के निर्माण के लिए वर्ष 2013-14 में शौचालयों का निर्माण कराने के लिए धनराशि ग्राम पंचायत निधि खाते में भेजी गई है। गांव में 50 शौचालयों का निर्माण कराया जाना था, इसके लिए कुल 6.16 लाख रुपये पंचायत राज विभाग की ओर से भेजे गए थे। तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव राजीव कुमार राना ने इस धनराशि को खाते से निकाल लिया, लेकिन शौचालयों का निर्माण नहीं कराया गया।
जब जिला पंचायत राज विभाग ने गांव को ओडीएफ घोषित करने के लिए शौचालयों का सत्यापन कराया तो पता चला कि कहीं भी इन शौचालयों का निर्माण कराया ही नहीं गया है। विभाग को जब इसकी जानकारी हुई तो पता चला कि पंचायत सचिव ने इस धनराशि का घोटाला कर लिया है। इसके बाद आनन-फानन में डीपीआरओ ने सहायक विकास अधिकारी पंचायत अरुण पांडेय को तत्कालीन सचिव राजीव कुमार राना पर एफआईआर दर्ज कराने का आदेश जारी किया है। डीपीआरओ के आदेश पर सचिव के विरुद्ध थाना बरनाहल में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
पहले क्यों नहीं खुल सका मामला
शौचालय धनराशि के फर्जीवाड़े में जिला पंचयत राज विभाग की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है। जब वर्ष 2013-14 में शौचालयों की धनराशि भेजी गई थी तो अब तक इसकी सुधी क्यों नहीं ली गई। पांच साल बाद अब ये घोटाला कैसे सामने आ गया। इन सवालों के जवाब पंचायत राज विभाग के पास भी नहीं हैं।
मामला अब तक संज्ञान में नहीं था। जानकारी होने पर तत्कालीन सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश जारी किया गया है। पुलिस द्वारा जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
यतेंद्र सिंह, डीपीआरओ, मैनपुरी।