जमीयत उलमा ने बच्चों से दुष्कर्म की घटनाओं के विरोध में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया गया। वहीं दोषियों को फांसी की सजा देने और मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की मांग की। पांच सूत्रीय प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया।
जिलाध्यक्ष शहर मुफ्ती डा. मोहम्मद खुबैब, मौलाना असरारुल्लाह फलाही के नेतृत्व में सदस्यों ने काली पट्टी बांधकर मंदसौर में बच्ची से दुष्कर्म, लखनऊ दुष्कर्म के बाद हत्या तथा संग्रूर में बालिका के साथ दुष्कर्म की घटनाओं पर रोष जताया। प्रवक्ता हाजी तनवीर अहमद मदनी ने कहा कि देश में बच्चियों के साथ हो रही दुष्कर्म की घटनाएं मानवता को शर्मसार करने वाली हैं। उन्होंने कहा कि मुकद्दमों की सुनवाई फास्ट ट्रैक में हो। दोषियों को शीघ्र फांसी दी जाए। पीड़ित मासूमों का उपचार अच्छे चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में हो। प्रमुख मार्गों एवं स्कूलों व स्कूलों के आस-पास सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। इस मौके पर हाफिज महमूद अशरफ, मौलाना कलीमूल्लाह, मौलवी जुबैर, हाफिज उवैस, मास्टर रऊफ , मुजाहिद हुसैन, हाफिज सूफ्यान, यूसुफ कुरेशी, जुनैद मुहम्मद फाजिल मदनी, ओरंगजेब, वसीम, शाहिद, इक्बाल, बशीर, चमन खान आदि मौजूद रहे।
हिंजाम के महामंत्री पंकज वार्ष्णेय ने कहा कि मंदसौर की घटना मानवत्ता को शर्मसार और झकझोर कर रख देने वाली है। दोषियों को फांसी दी जाए।
सोरों में भी लोगों ने दोषियों को फांसी दिए जाने की मांग की। राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा ने बैठक कर बच्ची के स्वस्थ होने की कामना की। बैठक में महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष पं. भारत किशोर दुबे नेे केंद्र सरकार से बच्चियों पर बढ़ रहे अपराधों में अदालतों को एक महीने में ही सुनवाई पर दरिंदों को फंासी देने की मांग की है। बैठक में पंकज पाराशर, सतीश भारद्वाज, गौरव दुबे, सुमित दीक्षित, ललित गुप्ता आदि मौजूद रहे।