वृंदावन (मथुरा)। तीर्थ नगरी वृंदावन में श्रीहित हरिवंश महाप्रभु का प्राकट्य महोत्सव विविध धार्मिक कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। गांधी मार्ग स्थित हिताश्रम सत्संग भूमि में श्रीहित हरिवंश महाप्रभु की प्रतिमा का वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य दुग्धाभिषेक किया गया।
ब्रज की सखी द्वारा ढांढी-ढांढिन नृत्य किया गया, वहीं संत रसिकों ने भैया हो अद्भुत मंगल आज, प्रगटे श्री हरिवंशचंद्र वर.., रसिकन के सिरताज, घर-घर बंदनवार साथिये संपत्ति सार शृंगार, नाचत गावत प्रेम विवश, गति प्रमुदित तन न संभार। आदि पदों का गायन किया।
समारोह में महंत कमलदास महाराज, नागरीदास महाराज, पुरुषोत्मदास महाराज, विष्णु मोहन नागार्च, पंडित बिहारीलाल वशिष्ठ, हित प्रिया किंकरी, नगरीदास, चंद्रप्रकाश शर्मा, दामोदरदास, राजीव रंजन गोस्वामी, विष्णु वल्लभ गोस्वामी उपस्थित थे।
वहीं श्रीहरिवंश महाप्रभु के प्राकट्योत्सव के उपलक्ष्य में राधावल्लभ मंदिर में सुबह समाज गायन और बधाई गायन हुए। शाम को मंदिर में ठाकुर राधा वल्लभलाल ने भव्य फूलबंगले में विराजित होकर भक्तों को दर्शन दिए। महोत्सव में राकेश मुखिया ने समाज गायन किया।
रसावतार हित हरिवंश महाप्रभु सांस्कृतिक संस्थान द्वारा आयोजित समारोह में हित हरिवंश महाप्रभु के चित्रपट का पूजन हुआ। कार्यक्रम में योगेंद्र वल्लभ गोस्वामी, सुरेंद्र वल्लभ, मनमोहन गोस्वामी, यतींद्र वल्लभ गोस्वामी, गिरीश अग्रवाल, विष्णु अग्रवाल उपस्थित थे।
गोविंद घाट स्थित अखिल भारतीय निर्मोही अखाड़ा के तत्वावधान में बड़ा रास मंडल पर हित हरिवंश महाप्रभु का प्राकट्य उत्सव मनाया। महंत लाड़िलीशरण दास ने कहा कि युग प्रवर्तक हित हरिवंश महाप्रभु परम प्रेम स्वरूप संत थे।
डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि हित तत्व के प्रचारक हरिवंश महाप्रभु का जन्म मथुरा के ग्राम बाद में हुआ था। रामप्रवेश दास, पुरुषोत्तम दास, डॉ. मनोजमोहन शास्त्री, महंत सुंदर दास, महत सच्चिदानंद दास, विष्णुमोहन नागार्च, महंत बलराम बाबा, ब्रजमोहन शर्मा उपस्थित थे।