कासगंज के सोरों में एकादशी के मौके पर हरिपदी में स्नान करते श्रद्घालु
सोरों। मोक्षदा एकादशी के पुण्य पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हरिपदी गंगा में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। स्नान के बाद मंदिरों में भगवान के दर्शन किए। प्राचीन काल में आज ही के दिन भगवान विष्णु ने सूकर क्षेत्र की धरा पर तृतीय अवतार वराह रूप में धारण कर पृथ्वी को रसातल में ले गए राक्षस हिरण्याक्ष का वध कर पृथ्वी को पुन: स्थापित किया था। तभी से इस पावन धरा पर चली आ रही गंगा स्नान की परंपरा का आज भी दूर दूर से पहुंचकर श्रद्धालुओं ने निर्वहन किया।
श्रद्धालुओं ने हरिपदी के वराह घाट के साथ साथ मानस घाट, आरती वाला घाट, सोमेश्वर घाट, पांच छतरी वाले घाट, लाल घाट, श्याम वराह घाट पर आदि सभी घाटों पर डुबकी लगाई। जय गंगे जय वाराह के जयकारे लगाते हुए गंगा में सपरिवार श्रद्धालुओं ने स्नान कर गंगा मैया की आरती उतारी। स्नान के बाद श्रद्धालु क्षेत्राधीश भगवान वराह के दर्शन करने वराह मंदिर पहुंचे।
भगवान वराह लक्ष्मी के दर्शन कर प्रसाद भोग लगाया और परिवार की खुशहाली की मनोकामना की। हरिपदी परिक्रमा मार्ग में स्थित मंदिरों बालाजी दरबार, सोमेश्वर, श्याम वराह, पंच महाशक्ति, द्वारिकाधीश, सिद्ध हनुमान, गणपति मंदिर, मानस मंदिर, महाकालेश्वर, रघुनाथ आदि में गंगा स्नान के बाद दर्शन के लिए भी श्रद्धालुओं का दिन भर तांता लगा रहा।
बच्चों का कराया मुंडन सस्कार
सोरों। हरिपदी घाट पर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। वहीं बच्चों के मुंडन संस्कार सहित अन्य पूजा अर्चना भी की। छोटे बच्चों को गंगा स्नान कराकर उनके बेहतर स्वास्थ्य एवं लंबी आयु की मनोकामना की।