आगरा के थाना एत्माद्दौला के ट्रांस यमुना कॉलोनी बी-ब्लाॅक में नीट से पहले रविवार रात को छात्र दिव्यांश (18) ने फंदा लगाकर जान दे दी। सुबह पांच बजे पिता कमरे में पहुंचे तो घटना का पता चला। घर में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल आत्महत्या का कारण पता नहीं चल सका है।
बी-ब्लॉक निवासी देवेंद्र प्रताप सिंह एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत हैं। परिजन ने बताया कि दिव्यांश ने इंटरमीडिएट किया था। नीट की तैयारी में लगा था। रविवार को परीक्षा थी। इसके लिए रात 1 बजे तक पहली मंजिल पर कमरे में पढ़ता रहा। इसके बाद सो गया। सुबह 5 बजे पिता जगाने के लिए कमरे में गए तो बेटे को अलमारी के पास लगी कुंडी के सहारे फंदे से लटका देख चीखने लगे। आवाज सुनकर अन्य लोग आ गए। आसपास के लोग भी पहुंच गए।
मोहल्ले के लोगों के मुताबिक, दिव्यांश पढ़ाई में होशियार था। वह शांत स्वभाव का था। घर से कम ही बाहर निकलता था। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है। आत्महत्या की वजह पता नहीं चल सकी है। दिव्यांश दो भाइयों में सबसे बड़ा था।
परसंटेज से तय नहीं होती योग्यता
एसएन मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. विशाल सिन्हा ने कहा कि अब हर बोर्ड में बच्चों को बंपर अंक दिए जा रहे हैं। कम प्रतिशत होने पर भी निराश होने की जरूरत नहीं है। परसंटेज से योग्यता तय नहीं होती। बेहतर प्रतिशत पाकर भी कई पिछड़ गए और कम प्रतिशत के बावजूद अच्छा मुकाम पाया। अभिभावकों से भी अपील है कि प्रतिशत के फेर के बजाय बच्चे के बौद्धिक विकास पर ध्यान दें, उसे आगे बेहतर करने के लिए प्रेरित करें। दूसरों से अपने बच्चे की तुलना कतई न करें। बच्चा उदास है तो उसे बात करें, समझाएं और बताएं कि आगे भी मौके आएंगे। जरूरत पर मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय में संचालित टेलीमानस हेल्पलाइन नंबर 11416 पर फोन कर काउंसलिंग भी करा सकते हैं।