मथुरा। गुड फ्राइडे से लेकर ईस्टर तक रात दिन प्रार्थनाएं चलीं। इसी क्रम में रविवार को ईस्टर की सुबह लोगों ने हाथ में मोमबत्ती लेकर यीशु मसीह के जी उठने की खुशी में गीत और कैरल गाते हुए जुलूस निकाला।
इस जुलूस में प्रभु यीशु मसीह के जीवित होने समाचार सुनाया गया। इसके बाद सभी लोग दोबारा आराधना के समय गिरजाघर में एकत्रित हुए। लोगों ने प्रभु यीशु के जी उठने की खुशी में कैरल गए। पास्टर हौरिस लाल ने यह बताया कि यह दिन ईसाई धर्म के सभी लोगों का लिए खास पर्व है। इसे पुनरुत्थान दिवस या ईस्टर संडे भी कहते हैं इस दिन यीशु मसीह जीवित हुए थे। यीशु मसीह ने हमारे पापों के लिए अपने प्राण दिए ताकि ईश्वर और मनुष्य के बीच सीधा रिश्ता बन जाए।
इस मौके पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश महासचिव मनीष दयाल ने कहा कि यीशु मसीह सब लोगों पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं। इस अवसर पर एन नेथन, शैलेंद्र पीटर, सुदीप, अनिल मौरिस, आशा एलबर्ट, राजेश्वरी ग्रीन, राज मसीह, रवनीत, मौली सोलोमन, पीपी चन्द्र, हिमांशु, आशु, जूलियस आदि उपस्थित रहे ।