मथुरा। एक जमीन का फर्जी बैनामा कराकर उसे बेचने के मामले में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गुरुदेव शर्मा समेत पांच लोगों को अदालत ने सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। जबकि दो लोगों को अदालत ने बरी कर दिया है। यह निर्णय अदालत ने शनिवार को सुनाया।
मथुरा के रहने वाले पूसा राम की 1960 में मौत हो गई थी। सपा जिलाध्यक्ष गुरुदेव शर्मा सहित अन्य पर आरोप था कि उन्होंने पूसा राम की जमीन की फर्जी वसीयत करवाकर पहले अपने नाम जमीन कराई फिर उसे दूसरों को बेच दिया। जबकि इस मामले में पूसा राम का भतीजा नत्थो सामने आ गया और सरकारी कागजातों में यह जमीन उसके नाम पर मिली।
इस मामले में जमीन पर कब्जा पाने वाले छगन लाल ने सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गुरुदेव शर्मा सहित अखिल वर्मा निवासी विकास नगर एक्सटेंशन उत्तम नगर नई दिल्ली, वीरेन्द्र सिंह गोविंद नगर निवासी गोविंद नगर, युद्धराज सिंह संत कालोनी वृंदावन, अनुराग सिंह कृष्णानगर और नारायन दास कैलाश नगर वृंदावन और संजीव गुप्ता संजय रोड नवीन बस्ती नई दिल्ली के खिलाफ थाना सदर बाजार में वर्ष 2005 में धोखाधड़ी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसकी सुनवाई न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/अपर सिविल जज-2 (सीनियर डिवीजन) जहेन्द्र पाल सिंह ने की। न्यायालय ने शनिवार को निर्णय सुनाते हुए सपा जिलाध्यक्ष गुरुदेव शर्मा सहित अखिल, वीरेन्द्र और युद्धराज और अनुराग सिंह को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है । जबकि नारायन दास और संजीव को बरी कर दिया गया है। सजा पाने वालों को जेल भेजा गया है ।