सिढ़पुरा केनरा बैंक गोल्ड लोन घोटाले के मामले में नामजद आरोपी पूर्व बैंक प्रबंधक को सिढ़पुरा पुलिस ने दो दिन पूर्व गिरफ्तार किया था। मंगलवार को उन्हें जिला न्यायालय में पेश किया गया। वहीं बुधवार को उन्हें मेरठ के एंटी करप्शन कोर्ट में सिढ़पुरा पुलिस ने पेश किया। कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में पूर्व बैंक प्रबंधक मनोज कुमार सिंह को मेरठ जेल भेज दिया।
पूर्व बैंक प्रबंधक मनोज कुमार सिंह एवं बैंक के वैल्युअर राहुल देव के खिलाफ खाताधारकों की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पुलिस की जांच पड़ताल में पूर्व बैंक प्रबंधक मनोज कुमार सिंह पर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए। इन आरोपों के चलते पुलिस ने भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराएं भी लगाईं।
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भ्रष्टाचार के आरोप के चलते ही उन्हें एंटी करप्शन कोर्ट में पुलिस ने बुधवार को पेश किया। जहां कोर्ट ने जेल भेजने के आदेश दिए। पुलिस की विवेचना इस घोटाले में लगातार जारी है। घोटाले के आरोपी बैंक वैल्युअर राहुल देव के साथियों पर भी पुलिस शिकंजा कसने की फिराक में है। पुलिस जांच में सामने आया है कि राहुल पूरा नेटवर्क बनाकर धोखाधड़ी के इस काम को अंजाम दे रहा था। बैंक धोखाधड़ी के अलावा वह प्रापर्टी के काम में भी लोगों को धोखाधड़ी का शिकार बना रहा था। तमाम पीड़ित भी सिढ़पुरा पुलिस के संपर्क में हैं और अपनी शिकायतें पुलिस को दे रहे हैं।
थाना प्रभारी राजकुमार सिंह ने बताया कि आरोपी पूर्व बैंक प्रबंधक मनोज कुमार को मेरठ की कोर्ट में पेश करने के बाद वहीं की जेल में भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि करीब 2 वर्ष पूर्व एक खाताधारक ने इस संबंध में बैंक प्रबंधक सहित से शिकायत की, लेकिन इस मामले को रफा दफा कर दिया गया। यदि तभी ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता तो यह घोटाला तभी खुल सकता था।