वृंदावन (मथुरा)। सुबह होली और शाम को दीवाली, ये सब ब्रज में ही संभव है। बुधवार को अमावस्या पर अधिक मास के समापन पर ठाकुर राधावल्लभ मंदिर में सुबह होली और शाम को दीवाली मनाई गई।
दोनों त्योहार एक दिन ही मनाए जाने से श्रद्धालुओं में श्रद्धा और भक्ति का भाव देखा गया। इस मनोरथ का आनंद लेने के लिए देश भर से श्रद्धालु ठाकुर राधावल्लभ मंदिर पहुंचे।
बुधवार की सुबह 8:30 बजे मंदिर के पट खुलने के लगभग एक घंटे के बाद मंदिर में होली का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम सेवायतों ने ठाकुर राधावल्लभ महाराज के स्वेत अंग वस्त्रों पर प्रतीकात्मक गुलाब जल और रंग डाला गया। इसके बाद मंदिर में होली का आयोजन हुआ।
मंदिर के सेवायत चांदी की पिचकारियों से दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं पर गुलाब जल मिश्रित रंग और गुलाल डाल रहे थे। भक्त भी ठाकुरजी के प्रसादी युक्त रंग और गुलाल को अपने ऊपर डलवाकर धन्य हो रहे थे।
मंदिर प्रांगण ठाकुर राधावल्लभ के जयकारों से गुंजायमान हो रहा था। वहीं देर शाम को ठाकुर राधावल्लभ मंदिर मेें दीवाली मनाई गई। ठाकुरजी ने चौसर खेलते हुए भक्तों को दर्शन दिए।
मंदिर के सेवायत मोहित मराल गोस्वामी ने कहा कि ब्रज की भक्ति, मनोरथ और उत्सव भी यहां के ठाकुरजी की तरह निराले हैं। अधिक मास में ब्रज के मंदिर में मनाए उत्सव और मनोरथों की श्रृंखला में आज होली और दीवाली महोत्सव एक साथ मनाया गया। टीकैत अधिकारी राधेशलाल गोस्वामी, विपिन गोस्वामी, आनंद गोस्वामी, सुकृत गोस्वामी, गौरव गोस्वामी उपस्थित थे।