फिरोजाबाद। लेबर कालोनी फाटक पर बाइक सवार ट्रेन से टकरा कर घायल होने के बाद तड़प रहा था। हालत गंभीर देख सैकड़ों पुरुष तमाशा देखते रहे। कल्पना ने कई आटो चालकों को रोक कर घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए मदद मांगी, लेकिन किसी ने साथ नहीं दिया।
हालत गंभीर देख कल्पना ने उसे अपनी स्कूटी पर बैठाया और ट्रामा सेंटर में इलाज करा कर घायल को नया जीवन दिया।कई सामाजिक संगठनों से जुड़ी कल्पना राजौरिया महिला उत्थान के लिए काम करतीं हैं। दो बार आगरा मंडल कमिशभनर उन्हें सम्मानित कर चुके हैं। स्वयं सेवक के रूप में कल्पना ने कई परिवारों को टूटने से बचाया है।
50 से अधिक महिलाओं की विधवा पेंशन, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना और दिव्यांगों को पेंशन का लाभ दिलाया है। जिला कारागार में एक बंदी के पैर नहीं होने पर कल्पना ने निजी प्रयास से दिव्यांग के लिए कृत्रिम अंग की व्यवस्था की है।
जब भी किसी असहाय एवं गरीब मरीज को रक्त की जरूरत पड़ती है, वे रक्त का इंतजाम करतीं हैं। वे स्वयं 19 बार रक्तदान चुकीं हैं। कल्पना शिक्षिका हैं और बेसिक शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रही हैं। कल्पना कुछ छात्राओं की पढ़ाई का खर्च भी उठा रहीं हैं। छात्राओं के सशक्तिकरण के लिए हर रविवार को भारत माता पार्क में कराटे कैंप भी लगवाती हैं।