मारहरा। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से मोहल्ला बड़ा बाजार में डेढ़ माह के बच्चे की मौत होने के दूसरे दिन टीम पीड़ित परिजनों के पास पहुंची। जहां मृतक शिशु के माता पिता से शिशु की मौत से पूर्व गतिविधियों के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी की।
मोहल्ला बडा बाजार निवासी संजय कुमार ने बताया कि उसके बच्चे का बुखार आ रहा था। 01 दिसंबर को उसके पास सीएचसी केंद्र से आशा पहुंची। जिन्होंने सीएचसी पर बेटे को भेज दिया। जहां दवा के साथ नर्स ने टीका भी लगा दिए। साथ ही पोलियो की दवा भी पिला दी। जिससे शिशु की मौत हो गई थी। टीम का नेतृत्व कर रहे प्रभारी जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. रामसिंह ने शिशु की मां से बच्चा के जन्म से लेकर टीका लगने तक की हर गतिविधि को जाना। इसके बाद उन्होंने महिलाओं को शिशु की देखभाल का पाठ भी पढ़ाया।
बच्चा एक सप्ताह से बीमार चल रहा था। जिसका कहीं भी उपचार नहीं कराया गया। टीकाकरण के दौरान बच्चा स्वस्थ्य था। आंगनबाड़ी और एएनएम से बच्चे के बुखार की जांच की थी। टीकाकरण सुबह 11 बजे हुआ था और रात 8.30 बजे दूध पिलाकर सुलाना गया। सुबह बच्चे के शरीर में कोई हरकत नहीं होने पर परिजन कासगंज ले जा रहे थे तभी उसका शरीर ठंडा पड़ गया। हो सकता है कि मां द्वारा पिलाए गए दूध की वजह से बच्चे को उल्टी हुई है और श्वांस नली बंद होने से बच्चे की रात में ही मौत हो गई है। मगर टीकाकरण से बच्चे की मौत का होना प्रतीत नहीं हो रहा है।
डा. रामसिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एवं एसीएमओ