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टूंडला में सवर्ण समाज का बंद, नहीं खुले बाजार

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फिरोजाबाद/टूंडला। एसटी/एसटी कानून में संशोधन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले और आरक्षण के विरोध में सवर्ण समाज ने जुलूस निकाला। मेडिकल की दुकानों को छोड़कर टूंडला के सभी बाजार बंद रहे। सवर्ण संगठन ने राष्ट्रपति के नाम एडीएम व एसपी सिटी को ज्ञापन दिया।
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एससी/एसटी कानून में बदलाव को लेकर जहां दो अप्रैल को दलित समाज ने विरोध करते हुए बवाल किया था। वहीं मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के समर्थन एवं आरक्षण के विरोध में सवर्ण संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंदपाल सिंह तोमर के नेतृत्व में बाजार बंद कराते हुए जुलूस निकाला। जुलूस दीपा का चौराहा से प्रारंभ होकर बल्देव रोड, दीक्षित कांप्लेक्स, कोतवाली, जीजीआईसी, भर्रा, सब्जी मंडी होते हुए सुभाष चौराहा पर पहुंचा। पूरा बाजार बंद रहा।

जो दुकानें खुली थीं उन्हें पदाधिकारियों ने बंद करा दिया। सुभाष चौराहा पहुंचने पर सवर्ण संगठन के द्वारा एडीएम उदय सिंह और एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा गया। राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की सराहनी की गई। जातिगत आधार पर दिए जाने वाले आरक्षण को समाप्त किए जाने, सवर्ण आयोग के गठन, समान नागरिक संहिता लागू किए जाने, समान शिक्षा के अधिकारों के तहत आर्टिकल 29,30 का संशोधन किए जाने और किसान आयोग के गठन की मांग की गई।
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संगठन की प्रदेश अध्यक्षा प्रतिभा उपाध्याय, दिग्विजय सिंह, जितेंद्र पाल सिंह, करणी सेना के जिलाध्यक्ष संजय परमार, रामबृज पाठक, मुकेश कौशिक, संजय शर्मा, मुकेेश उपाध्याय, नीतेश गौतम, विशाल जैन, मोहन बिहारी सक्सेना, रामा सिंह, संजय चौहान, रघु धाकरे, हनी जमादौन, सुरेंद्र उपाध्याय, जगदीश सारस्वत, राघवेंद्र चौहान, अनूप शर्मा, राधेश्याम चौहान, व्यापार मंडल अध्यक्ष मनोज धाकरे, गुड्डा दीक्षित, दीपक चौधरी, वृंदावन गुप्ता, द्विजेंद्र विक्रम सिंह परमार, जयजीव पाराशर आदि थे।

मंगलवार को आरक्षण के विरोध में नगर में ही नहीं रेलवे स्टेशन पर भी खासी सतर्कता रही। रेल प्रशासन के निर्देश पर रेलवे सुरक्षा बल व राजकीय रेलवे पुलिस सुबह से ही प्लेटफार्म व रेलट्रैक गश्त करती रही। इस बीच यात्रियों की संख्या नगण्य रही। इसके चलते स्टेशन पर सन्नाटा पसरा रहा।

पूर्व में हुए उपद्रव को देखते हुए रेल प्रशासन ने स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के निर्देश दिए थे। रेलवे के आदेशों के अनुपालन में मंगलवार सुबह ही रेलवे पुलिस ने सतर्कता शुरू कर दी थी। रेलवे सुरक्षा बल के कंपनी कमांडर आनंद कुमार के नेतृत्व में आरपीएफ के जवान एवं राजकीय रेलवे पुलिस हथियारों के साथ मुस्तैद हो गई थी। आरपीएफ व जीआरपी ने स्टेशन के सभी प्लेटफार्मों, सर्कूलेटिंग एरिया, स्टेशनों के एंड प्वाइंट व रेलट्रैक आदि क्षेत्र में टुकड़ियों में बंटकर नजर रखी। स्टेशनों पर भी सन्नाटा रहा।

भारत बंद का बार एसोसिएशन टूंडला ने भी समर्थन किया। वक्ताओं ने कहा कि कानून के आधार स्तंभ उच्चतम न्यायालय द्वारा एससी-एसटी एक्ट के संदर्भ में पारित एतिहासिक निर्णय का सभी संगठनों एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था में आस्था रखने वालों को सम्मान करना चाहिए।

अध्यक्ष राहुल कुमार सिंह ने कहा कि कुछ राजनीतिक संगठनों ने देश के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना करते हुए अपने निजी स्वार्थ के चलते कोर्ट के निर्णय की गलत व्याख्या कर असामाजिक तत्वों के सहयोग से दो अप्रैल को भारत बंद के नाम पर जगह-जगह उग्र प्रदर्शन एवं हिंसा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उच्च न्यायालय के एतिहासिक निर्णय को सभी राजनीतिक दलों के साथ सहानुभूति पूर्वक विचार विमर्श कर उसका अनुपालन कराना सुनिश्चित करे।
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