टूंडला। पचोखरा पशुहाट की रिजर्व भूमि का बैनामा कराने वाले पशुहाट स्वामी व जिला पंचायत सदस्य एवं बैनामा करने वाले अन्य सहित 12 लोगों के विरुद्ध थाना पचोखरा में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
ग्राम प्रधान पचोखरा की शिकायत पर जिलाधिकारी के आदेश पर कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई से आरोपियों में हड़कंप मच गया है।
ग्राम पंचायत पचोखरा के प्रधान किशनलाल ने जिलाधिकारी नेहा शर्मा को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि ग्राम पंचायत पचोखरा की भूमि गाटा संख्या 832, 835, 836 व 837 राजस्व अभिलेखों में मेला पशुहाट के लिए रिजर्व है। इसकी पैमाइश तहसील टीम ने विगत 12 फरवरी को ही की है। इस भूमि पर भूमाफियाओं ने कब्जा कर रखा है।
उक्त लोगों ने भूमि को दो भागों में रजिस्ट्री कर बेच दिया है। एक भाग में माईचरन, देवकी प्रसाद, सोवरन सिंह, चरन सिंह व वीरेंद्र सिंह निवासी श्रीनगर ने हरिओम आदि को विगत 28 मई 2008 को बेच दिया है।
जगत नगरायन ने अपने भतीजे ब्रजेश उपाध्याय निवासी बुर्ज साठी, पचोखरा को बेच दिया है। यह बैनामा विगत तीन मार्च 2008 को किया गया है। आरोप है कि तहसील की मिली भगत से यह पूरा खेल हुआ है।
मामले में आरोप सही पाए जाने पर जिलाधिकारी के आदेश पर जिला पंचायत सदस्य ब्रजेश उपाध्याय निवासी बुर्ज साठी, पचोखरा हरिओम निवासी फिरोजाबाद के अलावा माईचरन, देवीचरन, सोवरन सिंह, वीरेंद्र सिंह, उमेश पाराशर सभी निवासी श्रीनगर पचोखरा, जगत नरायन, कृष्ण गोपाल निवासी बुर्ज साठी, पचोखरा, बैनामा लेखक सत्यप्रकाश तहसील टूंडला व प्रदीप शर्मा निवासी अधैत बिल्डिंग, टूंडला के विरुद्ध कूटरचित तरीके से बैनामा कराए जाने पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
मामले में जिला पंचायत सदस्य ब्रजेश उपाध्याय का कहना है कि पूरा मामला राजनीतिक द्वेष भावना से प्रेरित है। उन्हें व उनके चाचा जगत नरायन उपाध्याय को गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। पूर्व में भी इस तरह की शिकायतें हुई हैं, जिनकी जांच में वे निर्दोष साबित हुए हैं। वहीं थाना प्रभारी प्रवेश कुमार का कहना है कि मामले की जांच कर रहे हैं। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा कार्रवाई की जाएगी।