मेडिकल कॉलेज की जमीन से छह लोगों ने हटाया कब्जा
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कासगंज। भूमि घोटाले की जालसाजी बड़े पैमाने पर हुई। बैनामा धारकों को जालसाज ने चपत नहीं लगाई, अपितु सरकार के भी राजस्व का घाटा किया। आवासी संपत्ति को राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से कृषि संपत्ति घोषित करा जालसाज ने 26.95 लाख रुपये की स्टांप चोरी भी की। जांच में यह बात सामने आने पर प्रशासन ने इसे भी जांच में शामिल कर लिया है।
जालसाज दीनदयाल ने तमाम संपत्तियों में गड़बड़झाला किया था। जांच में कई मामले खुलकर सामने आए हैं। सबसे बड़ी बात राजस्वकर्मियों की मिलीभगत से जालसाज से स्टांप चोरी कर सरकार को राजस्व हानि पहुंचाना है। गांव जखारुद्रपुर पर एक संपत्ति का बैनामा जालसाज ने कराया था। यह भूमि आवासीय भूमि थी। इस भूमि में आवासीय भूमि की दर के स्टांप लगाए जाने थे, लेकिन जालसाज ने कृषि भूमि की दर से भूमि का पंजीकरण करा लिया। इससे स्टांप चोरी और निबंधन शुल्क में घोटालेबाजी हुई। मामले में वर्ष 2014 में जांच हुई और इसकी प्रमाणिकता भी सामने आई। वसूली के आदेश भी हुए, लेकिन स्टांप चोरी में शामिल दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासनिक टीम भूमि घोटाले की जांच में प्रकरण को भी शामिल कर चुकी है। जांच के आगे बढ़ने के साथ ही परत दर परत घोटाला खुलता जा रहा है।
आंकड़े की नजर से-
- 4.3 करोड़ की संपत्ति में किया गया हेरफेर।
- 28.22 लाख रुपये का होना जमा होना था स्टांप शुल्क।
- 18.1 लाख रुपये के दर्शाए गए स्टांप।
- स्टांप चोरी का मामला पुराना है। इसमें पूर्व में भी जांच हो चुकी है। नई जांच में भी हमने स्टांप चोरी का मामला शामिल किया है।
- ललित कुमार, एसडीएम।