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किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म के दोषी को सात साल की सजा

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Decision of court - फोटो : amar ujala
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कासगंज। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नवनीत कुमार के न्यायालय ने किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म के आरोपी को दोषी मानते हुए सात साल की सजा सुनाई है। दोषी पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इसमें से आधी राशि पीड़िता को देने का प्रावधान किया गया है।
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सहावर क्षेत्र के गांव की किशोरी विगत दो जुलाई 2017 को शौच के लिए गई थी। यहां से उसे अगवा कर लिया गया था। मामले में किशोरी की मां ने रानी पत्नी जागन निवासी विजौटी एटा, पप्पू, निवासी पाग का नगला सिकंदराराऊ हाथरस सहित दो अज्ञात के खिलाफ किशोरी को कार में डालकर अगवा कर ले जाने का मामला दर्ज कराया। विवेचना में विवेचक ने रानी और पप्पू को मुकदमे में झूठा फंसाने जाने पर दोनों के नाम निकाल दिए। वहीं किशोरी को जीतेश, निवासी जीसुखपुर बागवाला एटा के कब्जे से बरामद किया। पुलिस ने मामले में पीड़िता के बयान दर्ज किए। पुलिस ने जीतेश और सोनूू को किशोरी को अगवा करने व उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया। कोर्ट में अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार यादव ने अभियोजन पक्ष की ओर से जिरह कर गवाहों को पेश किया। कोर्ट ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य, गवाहों आदि के बयान के आधार पर जीतेश को दोषी पाया। कोर्ट ने धारा 363 में तीन साल की सजा और पांच हजार रुपये का जुर्माना, धारा 366 में तीन साल की सजा पांच हजार का जुर्माना, धारा 376 में सात साल की सजा और 50 हजार का जुर्माना लगाया। सभी सजाएं एक साथ चलेगी। जुर्माने की आधी धनराशि 30 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे। वहीं साक्ष्य के अभाव में सोनू को रिहा कर दिया गया।
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