फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिना बजट गोवंशों को चारा खिलाना बना चुनौती

विज्ञापन
इतना तरसाया है शादी की तमन्ना ने मुझे... - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कासगंज। खुले में घूम रहे गोवंशों को शासन प्रशासन का संरक्षण तो मिल गया, लेकिन आश्रय स्थलों पर बिना बजट गोवंशों को चारा खिलाना बड़ी चुनौती है। चारे की जिम्मेदारी डीएम ने संबंधित निकायों और गल्ला मंडी समिति को सौंपी है। वहीं जिम्मेदार विभिन्न मदों से चारे की व्यवस्था करने के अलावा समाजसेवियों से मदद मांग रहे हैं। निकायों ने शासन को पत्र भेजकर धनराशि मांगी है, लेकिन कोई धनराशि नहीं मिली है।
विज्ञापन

जिले के आश्रय स्थलों में गोवंशों को संरक्षित करने के बाद चारा खिलाना चुनौती है। गल्ला मंडी के आश्रय स्थल में संरक्षित 300 से अधिक गोवंशों को चारा खिलाने की जिम्मेदारी मंडी समिति और कासगंज पालिका परिषद की है। वहीं कस्बाई क्षेत्रों में जिम्मेदारी संबंधित निकाय को दी गई है। निकायों ने विभिन्न मदों से अब तक गोवंशों के चारे का इंतजाम किया है। निकायों ने डीएम के माध्यम से शासन को पत्र भेजकर धनराशि मांगी है, लेकिन शासन ने धनराशि नहीं दी है। मंडी समिति में गल्ला कारोबारी चारे के इंतजाम में जुटे है। निकाय अब चारे के लिए समाजसेवियों से आर्थिक सहयोग मांग रहे हैं।
वर्जन-
- निकायों और मंडी समिति को चारे की व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी दी गई है। पर्याप्त मात्रा में गोवंशों को चारा उपलब्ध कराने की रिपोर्ट मिल रही है। शासन को भी पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आरपी सिंह, जिलाधिकारी।
- चारे के नाम पर बजट शून्य है। अन्य मदों से गोवंशों के चारे का इंतजाम किया जा रहा है। डीएम के माध्यम से शासन को पत्र भेजा गया है।
कुलकमल यादव, ईओ, नगरपालिका।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें