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कांच उद्योग को तरक्क्ी का सपना दिखा गए योगी

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फिरोजाबाद। निकाय चुनाव की जमीन पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांच-चूड़ी उद्योग से जुड़े बिंदु बारीकी से छुए। कांच-चूड़ी उद्योग से जुड़ेे मजदूरों की समस्याएं उठाई। नई उद्योग नीति में कांच उद्योग को स्थान देने का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ कांच उद्योग की तरक्की का रास्ता दिखा गए। चुनावी जनसभा में पेयजल संकट से लेकर ट्रांसपोर्ट नगर की समस्या तक का उन्होंने जिस तरह से जिक्र किया। उससे साफ था कि योगी स्थानीय मुद्दों पर होमवर्क करके आए थे।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने बीस मिनट के भाषण में कांच उद्योग के साथ चूड़ी का जिक्र किया। मजदूरों की समस्याओं को छुआ तो शहर की बुनियादी समस्याओं का जिक्र किया। फिरोजाबाद में ट्रांसपोर्ट नगर की समस्या और पेयजल का संकट है। नालों का पानी यमुना में गिरता है। श्रमिकों के आवास की समस्या है। इन सभी स्थानीय समस्याओं पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोले तो लगा कि पूरी तैयारी करके आए हैं।

स्थानीय समस्याओं का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय विधायक मनीष असीजा नाम लेकर तीन बार उल्लेख किया कि पेयजल और ट्रांसपोर्ट नगर की समस्या विधायक उन्हें कई बार बता चुके हैं। मंच से उन्होंने विधायक को निर्देश दिए कि कांच और चूड़ी कारखानों में काम करने वाले मजदूरों की समस्याएं बताएं। मजदूरों के लिए सरकार बीमा नीति लाने पर विचार कर रही है। मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी देने को सरकार कटिबद्घ है।
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योगी ने कांच और चूड़ी उद्योग की तरक्की का सपना दिखाते हुए कहा कि दो हजार करोड़ का कांच उद्योग पूरे दुनिया में धाक जमाए है। हमारी सरकार कांच उद्योग के लिए बहुत कुछ सोच रही है। नई उद्योग नीति में लखनऊ में बड़ा शोरूम बनाया जा रहा है। इसमें फिरोजाबाद के कांच उत्पाद रखे जाएंगे। पूरी दुनियां से आने वाले लोग इन उत्पादों को देखेंगे। ऐसा ही शोरूम लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे पर बनेगा। नई उद्योग नीति में सरकार ने एक जिला एक ड्रॉ बैक नियम लागू कर दिया है।

योगी ने कहा कि यहां के कांच कारोबारियों को तरक्की के लिए मंच देने की जरूरत है और मंच हमारी सरकार देगी। सरकार विचार कर रही है कि कांच उद्योग को कैसे चमका सकते हैं। योगी ने शहर के पेयजल संकट पर कहा कि मनीष असीजा बार-बार पानी का संकट बताते हैं। उन्होंने कहा कि जेड़ाझाल योजना पर तेजी से काम चल रहा है। वर्ष 2018 के पहले छह महीने में गंगा जल शहर के हरे घर को मिलना शुरु हो जाएगा। स्थानीय समस्याओं का पूरा फीडबैक लेकर आए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां नालों का पानी यमुना में गिरता है। कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नहीं है। ट्रांसपोर्ट नगर की समस्या है। सरकार ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जमीन देगी।
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