फिरोजाबाद। शिक्षामित्रों का धरना प्रदर्शन शुक्रवार को भी चलता रहा। प्रदेश आह्वान पर शिक्षामित्रों को अपने पक्ष में सांसद से प्रधानमंत्री के नाम पत्र लिखवाना था, लेकिन सांसद जिले में मौजूद न होने के कारण शिक्षामित्र पत्र नहीं लिखवा सके।
शिक्षामित्रों ने जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सरकार की ओर से निर्णय न लिए जाने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। देर शाम समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष श्रीओम यादव ने कहा कि प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर धरना स्थगित कर दिया गया है। शनिवार को सभी समायोजित शिक्षामित्र काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे। 11 सितंबर को दिल्ली के जंतरमंतर पर आंदोलन करेंगे।
शिक्षामित्रों के आंदोलन से बेसिक शिक्षा व्यवस्था बेपटरी हो गई है। कई स्कूल बंद हैं, तो कइयों में रेग्युलर शिक्षक भी नहीं जा रहे हैं। जिलाध्यक्ष श्रीओम यादव का कहना है कि 1.72 परिवार भुखमरी की कगार पर हैं और सरकार मूक बनी हुई है।
शिक्षामित्रों ने पिछले दिनों सरकार से मिले आश्वासन के बाद फिर से स्कूलों में शिक्षण कार्य शुरू किया था, लेकिन मात्र दस हजार ही मानदेय की घोषणा से आक्रोश इनकी मांग है कि सरकार कोई ऐसा प्रावधान करे जिससे उन्हें शिक्षकों के बराबर वेतन मिल सके।
टीईटी की तैयारी में जुटे शिक्षामित्र
फिरोजाबाद। सरकार शिक्षामित्रों के भविष्य पर चुप्पी साधे हुए हैं। ऐसे में कई शिक्षामित्र टीईटी उत्तीर्ण कर पुन: शिक्षक बनने के लिए तैयारी में जुट गए हैं। कई शिक्षामित्रों ने टीईटी की कोचिंग भी शुरू कर दी है। ऐसे में दोपहर तक तो धरना स्थल पर काफी भीड़ रहती है, लेकिन दोपहर एक बजे बाद भीड़ कम होना शुरू हो जाती है।