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सावधान! छह माह में कबाड़ हो जाएंगे 50 हजार वाहन, कार्रवाई से बचने के लिए करें ये काम

Fri, 13 Sep 2019 11:54 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में 31 मार्च 2020 को 15 साल पुरानी लगभग 50 हजार गाड़ियां कबाड़ हो जाएंगी। ताज ट्रिपेजियम जोन में 1990 से 2004 तक पंजीकृत निजी वाहनों का रजिस्ट्रेशन निलंबित कर दिया गया है। इन गाड़ियों में दोपहिया, चार पहिया और तिपहिया वाहन शामिल हैं।
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टीटीजेड में पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए संभागीय परिवहन विभाग ने पुरानी गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन निरस्त करने का सिलसिला शुरू कर दिया है। पहले चरण में 19 अगस्त को जिले में 10 हजार गाड़ियों के पंजीकरण निरस्त किए जा चुके हैं। यह गाड़ियां 1989 मॉडल तक की थीं। 

अभी तक इन गाड़ियों में किसी के मालिक ने एनओसी या पंजीकरण निरस्तीकरण को रुकवाने की पहल नहीं की है। आरटीओ के रिकार्ड में इन गाड़ियों को अब काली सूची में डाला जा चुका है। अब वर्ष 2004 तक पंजीकृत गाड़ियों के स्वामियों को छह माह का आखिरी मौका दिया गया है। इनमें सबसे ज्यादा दोपहिया वाहन (स्कूटर, मोटरसाइकिल, स्कूटी) शामिल हैं। 
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इस सीरीज की गाड़ियां नहीं चलेंगी

यूपी 80, यूपी 80 ए, यूपी 80 बी, यूपी 80 सी, यूपी 80 डी, यूपी 80 ई, यूपी 80 एफ, यूपी 80 जी, यूपी 80 एच, यूपी 80 जे, यूपी 80 के, यूपी 80 के, यूपी 80 एल, यूपी 80 एम, यूपी 80 एन, यूपी 80 पी, यूपी 80 क्यू, यूपी 80 आर, यूपी 80 एस, यूपी 80 एस, यूपी 80 टी, यूपी 80 यू, यूपी 80 वी, यूपी 80 डब्ल्यू, यूपी 80 एक्स, यूपी 80 वाई, यूपी 80 जेड, यूपी 80 एए, यूपी 80 एबी, यूपी 80 एसी, यूपी 80 एडी शामिल हैं।

रजिस्ट्रेशन निरस्त होने बचने के लिए ये करें 

- इन सीरीज की गाड़ियां आगरा मंडल में मैनपुरी व प्रदेश के 33 जिलों में पुन: पंजीकृत कराई जा सकती हैं। इसके लिए वाहन स्वामी को आरटीओ आगरा से अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल करना होगा। इसकी कोई फीस भी नहीं है। 
- इन सीरीज की गाड़ियों के मालिक अगर अपनी गाड़ी को एंटीक या धरोहर के रूप में संजोकर रखना चाहते हैं, तो उप परिवहन आयुक्त के यहां अपील करनी होगी। इस पर डीटीसी फैसला करेंगे। 
 

टीटीजेड के तहत 15 साल पुरानी गाड़ियों का संचालन पूरी तरह बंद करना लक्ष्य है। इसी के चलते इन वाहनों के पंजीयन निलंबित किए गए हैं। छह माह बाद अगर ये गाड़ियां चलेंगी तो पकड़े जाने पर इन्हें नष्ट करवाया जाएगा। -अनिल कुमार सिंह, एआरटीओ (प्रशासन)

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