मथुरा। विकास की अनदेखी करने पर महिला पार्षद के इस्तीफे के बाद नगर आयुक्त ने बैठक कर सभी पार्षदों को विकास का भरोसा दिलाया तथा शिकायतों के निस्तारण का आश्वासन दिया। रविवार को नगर आयुक्त ने विकास प्राधिकरण हाल में पार्षदों के साथ बैठक कर उनकी शिकायतें सुनीं तथा निस्तारण का आश्वासन दिया।
शनिवार को महिला पार्षद कुसुमलता ने नगर निगम द्वारा विकास की अवहेलना का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री, नगर आयुक्त और महापौर का इस्तीफा भेजा था। पार्षद के इस्तीफे के बाद सकते में आए नगर आयुक्त ने आनन-फानन में रविवार को पार्षदों की विकास प्राधिकरण में बैठक रखी। इस बैठक में नगर आयुक्त ने पार्षदों को भरोसा दिलाया कि निगम स्तर से उनके क्षेत्र में विकास में कोई कमी नहीं रखी जाएगी। उनके सारे सुझाव, शिकायतें सुनी जाएंगी।
महापौर डॉ. मुकेश आर्यबंधु ने बैठक में बताया कि पार्षदों की हर प्रकार की समस्या को सुना जाएगा। वहीं बैठक में पार्षदों ने कई प्रकार की समस्याएं नगर आयुक्त के सामने रखीं। बैठक में हेमंत अग्रवाल, पार्षद में पार्षद राजेश सिंह पिंटू, रामदास चतुर्वेदी, उमेश भारद्वाज, मीरा अग्रवाल, मीरा मित्तल, ऋचा चतुर्वेदी, दीपक गोला आदि पार्षदों ने समस्याएं नगर आयुक्त को बताईं। नगर आयुक्त ने बताया निगम अब हर प्रकार की समस्या का समाधान करने का प्रयास करेगा। बैठक में नगर निगम, जलकल तथा जल निगम के अधिकारीगण मौजूद रहे।
पार्षद जून में नारियल फोड़ने को रहें तैयार
नगर आयुक्त ने बैठक में पार्षदों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि वह जून महीने में नारियल फोड़ने को तैयार रहें। जून में उनके क्षेत्र की अधिकांशत समस्याएं हल कर दी जाएंगी।
शीशे के घरों में बैठे हैं सभी
नगर आयुक्त ने पार्षदों का सचेत करते हुए कहा कि हम सभी शीशे के घरों में बैठे हैं और जनता सब देख रही है। यदि हमने कोई ऐसा काम किया जो कि ठीक नहीं तो उसका सवाल जनता पूछेगी।
मुझे कोई इस्तीफा नहीं मिला
नगर आयुक्त ने पार्षद कुसुमलता के मुद्दे पर जानकारी देते हुए कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई इस्तीफा अभी तक नहीं मिला है। इस्तीफा मिलने बाद ही उस पर प्रतिक्रिया दी जाएगी।
मेयर पहुंचे पार्षद के घर
पार्षद कुसुमलता के इस्तीफे की सूचना मिलते ही महापौर शनिवार को डॉ. मुकेश आर्य बंधु पार्षद के घर गए और उससे इस्तीफा वापस लेने को कहा। महापौर ने विश्वास दिलाया कि निगम में उनकी सुनवाई होगी। महापौर ने बताया कि सफाई नायक द्वारा सुनवाई न करने पर पार्षद ने इस्तीफा दिया है। उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र मेें कई समस्याओं का निस्तारण हो चुका है।