कासगंज। नगला मामो में विवाहिता को जिंदा जलाकर मार दिया गया।हत्या को हादसे का रूप देने के लिए कमरे के छप्पर में भी आग लगा दी गई। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेेड ने आग पर काबू पाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अखतऊ निवासी रश्मि (19) पुत्री धर्मेेश अपने नाना महेंद्र सिंह निवासी रुदायन फर्रुखाबाद में रहती थी। नानी कृष्णा देवी ने रश्मि की शादी रामपाल पुत्र अशर्फीलाल निवासी नगला मामों के साथ करा दी। ससुरालीजनों ने रविवार दोपहर रश्मि को जिंदा जलाकर मार दी। ससुरालीजनों ने कमरे के छप्पर में भी आग लगा दी, जिससे हत्या को हादसे का रूप दिया जा सके। घटना के बाद ससुरीजन मौके से फरार हो गए।
इधर, घर से आग की लपटों को उठता देखकर ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए और आग बुझाने का प्रयास करते हुए फायर ब्रिगेड केा सूचना दी। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। इधर, सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। आग बुझने के बाद विवाहिता के शव को निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। सूचना पर मायके पक्ष के लोग भी आ गए। विवाहिता के जीजा अखिलेश ने बताया कि ससुरालीजनों ने जिंदा जलाकर हत्या करने की बात कही।
बुआ ब्रह्मादेवी ने भी जलाकर हत्या करदेने का आरोप लगाया। विवाहिता के जीजा ने मामले की तहरीर दी है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में हुई थी शादी
कासगंज। विवाहिता की एक अन्य बहन भी मामों में ही रहती है। उसके पति अखिलेश ने ही मध्यस्थता करके रिश्ता तय कराया था। 10 दिसंबर को कायमंगज में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में रामपाल के साथ रश्मि के साथ हुआ था।
एक पखवाड़े पहले ही बुलाकर लाया था पति
कासगंज। विवाहिता को उसका पति एक पखवाड़े पहले ही ननिहाल से बुलाकर लाया था। बताया जाता है कि वह उसे आए दिन मारता पीटता था। बुलाकर लाने के बाद भी उसके साथ मारपीट की गई थी।