मथुरा। सराफा हत्याकांड में शासन तक गूंज चुके मथुरा जिला अस्पताल के हालात सुधरने के बजाए बिगड़ते ही जा रहे हैं। मंगलवार की रात को इमरजेंसी से डाक्टर गायब हो गए। इस दौरान सात मरीज इमरजेंसी में थे। जब मरीज और तीमारदारों ने हल्ला मचाया तब कहीं जाकर दूसरे डाक्टर की व्यवस्था की गई। पांच घंटे तक जिला अस्पताल की इमरजेंसी बगैर डाक्टरों के रही।
कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा, प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह, जिलाधिकारी, सीडीओ और एडीएम के निरीक्षण में भी जिला अस्पताल का स्टाफ ड्यूटी से गायब मिल चुका है। तमाम अव्यवस्थाएं यहां मिली थीं। सभी ने अस्पताल प्रशासन के अफसरों को नोटिस दिए लेकिन हालात जो तब थे वही आज भी बने हैं।
मंगलवार की शाम को तो जिला अस्पताल की इमरजेंसी ही खाली हो गई थी। रात को 8 बजे से डा. धर्मवीर की ड्यूटी थी। लेकिन वो समय से नहीं पहुंचे। पहले तो इंतजार होता रहा लेकिन जब घंटों बाद भी वह नहीं आए तो मरीज और तीमारदारों ने हल्ला मचाना शुरू कर दिया। इस पर स्टाफ ने सीएमएस डा. अमिताभ पांडेय को सूचना दी। सीएमएस पहुंचे। देर रात को ऑन कॉल डा. अनंत व्यास को इमरजेंसी ड्यूटी पर बुलाया गया। तब कहीं मरीजों का उपचार शुरू हो सका।
इलाज के लिए तड़प रही थी महिला
मथुरा। गांव आझई में देवर और ससुर ने एक महिला पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था। परिवार के लोग घायल महिला को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। बड़ी संख्या में ग्रामीण थे। महिला इलाज के लिए तड़प रही थी। वो तो गनीमत रही कि कुछ ही देर पहले सीएमएस डा. पांडेय पहुंच गए थे वरना बड़ा हंगामा होता।
रात में डा. धर्मवीर की ड्यूटी थी लेकिन वो नहीं पहुंचे। ऐेसे में देर रात दूसरे डॉक्टर की व्यवस्था की गई थी। इस मामले में चिकित्सक को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।
-डा. अमिताभ पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक मथुरा