फिरोजाबाद। थाने से भगाने के बाद दुष्कर्म पीड़िता ने घर के अंदर ही फांसी लगाकर आत्महत्या की कोशिश की। परिवारीजन उसको सरकारी ट्रामा सेंटर लेकर आए। हालत गंभीर होने पर भर्ती कर लिया गया। पीड़िता ने बदनामी के डर से शिकोहाबाद नहर में छलांग लगाकर आत्महत्या की कोशिश भी की थी। उसको गोताखोरों ने बचा लिया।
पीड़िता को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे परिवारीजनों ने बताया कि कुछ दिन पहले महिला को गांव के ही लोगों ने अगवा कर लिया था। उसे बंधक बनाकर दुष्कर्म किया। पुलिस से शिकायत की गई तो आरोपियों ने बताया कि पीड़िता शिकोहाबाद स्थित आश्रम पर है। परिवारीजन पीड़िता को घर ले आए।
बदनामी के डर से पीड़िता कई दिनों तक घर से नहीं निकली। दो दिन पहले पीड़िता ने शिकोहाबाद नहर में आत्महत्या के उद्देश्य से छलांग लगा ली। मंगलवार को परिवारीजन पीड़िता को लेकर मटसेना थाने पहुंचे।
आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किया और पीड़िता को थाने से भगा दिया। पति के काम पर चले जाने के बाद पीड़िता ने बुधवार सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या की कोशिश की।
इस दौरान घर पर बच्चे रह गए थे। महिला को फांसी के फंदे पर लटका देख बच्चों ने शोर मचाया तो आसपास के लोग एकत्रित हो गए। महिला को अस्पताल लेकर आए। कार्यवाहक थानाध्यक्ष मटसेना का कहना है कि मंगलवार को पीड़िता थाने नहीं आई थी और न ही कोई तहरीर दी गई है। यदि पीड़िता ने दुष्कर्म के बाद बदनामी के डर के चलते आत्महत्या की कोशिश की है तो पति से तहरीर लेकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी अजय कुमार ने कहा कि महिला के परिवारीजनों द्वारा गए आरोपों की जानकारी मिली है। पीड़ित पक्ष यदि तहरीर देता है तो मुकदमा दर्ज कराकर जांच कराई जाएगी। यदि पीड़िता के परिवारीजनों के आरोप जांच के दौरान सही पाए जाते है तो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेजा जाएगा।