आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में सोमवार को हेल्प डेस्क और परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के बाहर छात्रों की भीड़ जुट गई। 250 से अधिक विद्यार्थी अंकतालिका-डिग्री समेत अन्य परेशानियों के समाधान के लिए प्रार्थनापत्र लेकर आए। इसमें से सबसे ज्यादा 140 प्रार्थनापत्र अंकतालिका में सुधार और डिग्री के थे। छात्रों का आरोप है कि कई बार चक्कर काटने पर भी समस्या हल नहीं हुई है।
परीक्षा नियंत्रक और हेल्प डेस्क पर सोमवार सुबह से ही लाइन लग गई थी। इनमें अंकतालिका में नंबर दर्ज न होने, छात्र-पिता के नाम की स्पेलिंग में गड़बड़ी, विषय में अनुपस्थित दर्शाने, आवेदन के बाद भी डिग्री न मिलने, शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन जैसी परेशानी वाले रहे। छात्रों का आरोप है कि ऑनलाइन आवेदन करने पर भी समाधान नहीं होने पर विश्वविद्यालय आना पड़ा। इसमें अलीगढ़, एटा, हाथरस, इटावा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, औरैया, कासगंज समेत अन्य जिलों के छात्र रहे। परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव ने बताया कि छात्रों के प्रार्थनापत्र लेकर संबंधित विभाग के लिए रिमार्क कर दिए हैं। तीन से पांच दिन बाद छात्रों को बुलाया गया है।
अलीगढ़ के जितेंद्र सिंह ने उनकी बहन वार्ष्णेय कॉलेज में पढ़ती है, अंकतालिका में पिता के नाम की स्पेलिंग में गड़बड़ी है, इसे ठीक कराने के लिए पूर्व में लगाए गए हेल्प डेस्क पर भी प्रार्थनापत्र जमा किया था, लेकिन अभी तक अंकतालिका में सुधार नहीं हुआ।
यमुनापार की श्वेता ने बताया कि बीएड की डिग्री लेनी है और इसके लिए आवेदन भी कर चुकी हूं, लेकिन डिग्री अभी तक तैयार नहीं हुई है। लगातार विश्वविद्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जबकि उनके सहपाठियों की डिग्री मिल चुकी है। पूछने पर सही जवाब नहीं मिलता है।