एटा। माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता लेना अब महंगा हो गया है। हाईस्कूल-इंटरमीडिएट के मान्यता शुल्क में तीन गुना वृद्धि हुई है। वहीं अतिरिक्त वर्ग की मान्यता आवेदन के साथ चार गुना शुल्क भरना होगा। विलंब दंड में भी दोगुना की वृद्धि की गई है।
नए स्कूल, वर्ग एवं विषयों की मान्यता लेना अब आसान नहीं होगा। ऑनलाइन आवेदन एवं औपचारिकताएं बढ़ाने के साथ ही शासन ने शुल्क में भी चार गुना तक की वृद्धि की है। उत्तर प्रदेश सरकार ने शुल्क वृद्धि का गजट जारी कर अगले आवेदन नई दरों से करने के निर्देश दिए हैं। इसके अनुसार प्रथमवार हाईस्कूल-इंटरमीडिएट मान्यता शुल्क दस हजार रुपये से बढ़ाकर तीस हजार कर दिया है। वहीं इंटरमीडिएट में अतिरिक्त वर्ग के लिए निर्धारित पांच हजार रुपये का शुल्क चार गुना बढ़ाकर बीस हजार किया गया है। इंटरमीडिएट वन टाइम मान्यता के लिए निर्धारित दस हजार रुपये प्रतिवर्ग का शुल्क अब तीस हजार होगा। वहीं इंटरमीडिएट अतिरिक्त विषय के लिए पांच हजार रुपये न्यूनतम राशि दस हजार एवं ढाई हजार रुपये प्रति विषय शुल्क को बढ़ाकर पांच हजार कर दिया गया है। विलंब शुल्क को भी पांच हजार रुपये से बढ़ाकर बीस हजार रुपये कर दिया गया है।
स्क्रूटनी शुल्क हुआ पांच गुना
बोर्ड उत्तर पुस्तिकाओं की स्क्रूटनी (सन्निरीक्षा) कराना भी पांच गुना महंगा हो गया है। अब परीक्षार्थियों को पांच सौ रुपये प्रति प्रश्नपत्र एवं प्रैक्टिकल के लिए भी पांच सौ रुपये का कोषपत्र जमा करना होगा। अभी तक यह शुल्क मात्र सौ रुपये निर्धारित था।
नए आवेदन नई शुल्क दरों से ही स्वीकार होंगे। गत वर्ष आठ आवेदनों में से चार की मान्यता हो गई है। नए सत्र के आवेदन शुरू होंगे। जिले में 574 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें 24 राजकीय, 54 एडिड एवं 496 स्ववित्त पोषित विद्यालय हैं।
-एनडी वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक