टूटा है दुखों का पहाड़, संवेदना दे रहे लोग
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कासगंज। सहावर और अमांपुर में डकैती की घटनाओं के बाद से पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों के आंसू नहीं थम रहे हैं। नाते रिश्तेदार पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। दोनों वारदातों के घायलों का इलाज अभी भी जारी है। वहीं पीड़ित परिवारों के घरों के आसपास सुरक्षा कर्मी तैनात हैं।
सहावर में राजकुमार के घर पड़ी डकैती की घटना में उनकी मां चंपा देवी, पत्नी माया देवी और तहेरे भाई रामदास की हत्या कर दी गई। वहीं राजकुमार उनके पुत्र अजय पुत्री आरती घायल हैं। एक साथ तीन मौत से पूरा परिवार सदमे में है। उनके नाते रिश्तेदारों के पहुंचने का सिलसिला बना हुआ है। आसपास के लोग भी पीड़ित परिवार के दुख में शरीक हो रहे है। वहीं तीनों घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से उनके घर के पास में ही पुलिस की पिकेट तैनात की गई है। वहीं अमांपुर के ददवारा में चार दिन पूर्व डकैती की घटना में चंद्रपाल की बदमाशों ने हत्या कर दी। वारदात के चार दिन बाद भी परिवार में कोहराम है। उनकी पत्नी अखिलेश, पुत्र ओमप्रकाश, पुत्री रचना, पुत्रवधू पूजा का अलीगढ़ में इलाज चल रहा है। वहीं घायल रजनी का घर पर इलाज चल रहा है। उनके घर पर भी नाते रिश्तेदार पहुंच कर अपनी संवेदना प्रकट कर रहे हैं। पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया जा रहा है। उनके घर पर भी सशस्त्र पुलिस के जवान तैनात हैं।
अभी भी डरा हुआ है विजय
कासगंज। सहावर में राजकुमार के घर में डकैती की घटना में बदमाशों के हाथों से बचा विजय (6) के मन में अभी भी दहशत है। उसके मन पर घटना का काफी असर हुआ है। वह सहमा हुआ सा नजर आ रहा है। उसके जेहन में बार-बार घटना घूमती है। वह रो-रोकर अपनी दादी, मां, व ताऊ को याद कर रहा है। उसे अपने घायल पिता और भाई बहन की चिंता सता रही है। वह उनके बारे में परिवार के अन्य सदस्यों से बार-बार पूछता है।