मैनपुरी। अधिवक्ता का कोई जाति और धर्म नहीं होता है। पीड़ित को न्याय दिलाना ही उसका धर्म है। जाति और धर्म से ऊपर उठकर अधिवक्ताओं को काम करना चाहिए। संगठन में ही शक्ति है। वकीलों को संगठित और एकजुट होना चाहिए। यह बातें उच्च न्यायालय इलाहाबाद के प्रशासनिक न्यायमूर्ति राजीव लोचन मेहरोत्रा ने कहीं।
शनिवार को मैनपुरी बार एसोसिएशन के शपथ ग्रहण समारोह के बाद कार्यक्रम में भाग लेने आए प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने कहा सिस्टम के तहत ही जज और वकील मिलकर पीड़ित को न्याय दिलाते हैं। अंतिम न्याय तो ईश्वर ही करता है, लेकिन जज का न्याय भी ईश्वरीय कृत्य माना जाता है। न्यायपालिका भगवान के बाद न्याय देने का काम करती है। अभिलेखों और दस्तावेजों के आधार पर निष्पक्ष न्याय देने का काम जज करते हैं। वकीलों को एकजुट देखकर खुशी होती है। वकील और जज का एक साथ मिलकर काम करने का सिस्टम सभी को एक करता है। वकील और जज एक ही सिक्के के दो पहलू और एक ही रथ के दो पहिए हैं।
जिला जज नंदलाल ने कहा वकीलों को बिना भेदभाव के काम करना चाहिए। पीड़ित को न्याय दिलाने की पहल करनी चाहिए। वकील एकजुट होकर व्यवस्था के साथ कार्यरत और संघर्षरत रहें। संचालन एएच हाशमी नदीम वकील ने किया। कार्यक्रम में सीजेएम तरुण कुमार सिंह, बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश की उपाध्यक्ष दरबेश कुमारी यादव, एसडीएम सदर अमित सिंह, सीओ सिटी राकेश पांडेय, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरभ यादव, सचिव विश्व विमोहन राजपूत, जीकेडी मेहरोत्रा, पूर्व डीजीसी चतुर सिंह, प्रभात चतुर्वेदी, राजीश यादव मौजूद रहे।