सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि अवैध रूप से इलाज करने की शिकायत पर अपंजीकृत सेल के नोडल प्रभारी डॉ. जितेंद्र लवानियां को भेजकर जांच कराई। मौके पर भूपेंद्र सिंह मिला, जो मरीज की ड्रेसिंग कर रहा था। बुखार-खांसी, निमोनिया समेत अन्य की परेशानी के दो-तीन मरीज भी थे। इनमें एक महिला बच्चे को लेकर भी आई थी। संचालक से चिकित्सकीय डिग्री और क्लीनिक का लाइसेंस मांगा तो वह दिखा नहीं पाया। पूछताछ में उसने खुद काे इंटर पास बताया।
ये भी पढ़ें - दोहरा हत्याकांड: हाथ-पैर बांधे, फिर धारदार हथियार से काट डाला...हिस्ट्रीशीटर और उसके दोस्त को दी ऐसी मौत; कांप उठा कलेजा
क्लीनिक में दो तखत और बैंच पड़ी थीं। यहां उपयोग किए गए इंजेक्शन, फ्लूड की बोतल समेत अन्य मेडिकल वेस्ट मिला। इससे आशंका है कि ये मरीजों को ड्रिप भी लगाता था। सर्जिकल सामान भी मिला। अलमारी में दवाएं भी मिलीं। क्लीनिक को बंद कराते हुए चाबी पुलिस को सौंप दी है। आरोपी के खिलाफ केस भी दर्ज करा दिया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
ये भी पढ़ें - UP: खेत जोतने के विवाद में बवाल...दो पक्षों में पथराव, पुलिस को भी नहीं बख्शा; दहशत की तस्वीरें