आज रवाना होंगी पोलिंग पार्टियां, इंतजाम दुरुस्त
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एटा। 18 अप्रैल को जलेसर विस में शांतिपूर्ण मतदान कराकर उत्साहित प्रशासन को एटा लोकसभा क्षेत्र में कड़ी अग्निपरीक्षा से गुजरना होगा। लोकसभा क्षेत्र में दो विस में मतदान कराना प्रशासन के लिए चुनौती से कम नहीं होगा। एक ओर जलेसर विस के मतदान में फैली अव्यवस्था को दूर करना बड़ा सवाल है, वहीं मौसम का हाल भी मतदान प्रतिशत में बड़ी बाधा बन सकता है।
एटा लोकसभा क्षेत्र में एटा मारहरा विधानसभा में करीब छह लाख से ज्यादा मतदाता मतदान करेंगे। चुनावी तैयारियों को लेकर प्रशासन हर तरीके से कवायद कर रहा है। लेकिन पिछले चुनावों में हुई गलतियां और गतिविधियां प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। दरअसल, पिछले दिनों 17 अप्रैल को जलेसर विस के लिए पोलिंग पार्टी रवानगी के दौरान वाहन कम पड़ने से अव्यवस्था फैल गई थी। अब दो विस क्षेत्रों में पोलिंग पार्टियों की रवानगी के लिए वाहनों की पूरा इंतजाम करने में कड़ी मशक्कत करनी होगी। साथ ही दोनों विधानसभा क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत को बढ़ाने के लिए प्रशासन को काफी कुछ करना होगा। मौसम पर गौर करें तो 23 अप्रैल को तापमान अधिकतम 41 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री रहेगा। अगर मौसम अधिक गर्म रहा, तो मतदाताओं को बूथ तक लाने की सारी कवायदें फेल हो सकती हैं। ऐसे में प्रशासन को हर इंतजाम को दुरुस्त रखना होगा।
संवेदनशीलता से बनेगी बात
एटा और मारहरा विस क्षेत्र में मतदान के दौरान संवेदनशीलता बेहद मायने रखती है। मारहरा विस क्षेत्र में काफी बूथ ऐसे हैं, जहां पिछले चुनावों में घटनाएं हुई हैं। ऐसे बूथों की निगहबानी को कड़े इंतजाम किए जाएं तो ठीक रहे।