मैनपुरी। दंपति के बीच मनमुटाव को अब समझौते के आधार पर निस्तारित किया जाएगा। शासन और कोर्ट ने विवादों को समझौते के आधार पर निस्तारित करने की पहल करने को कहा है। दीवानी न्यायालय स्थित मध्यस्थता एवं सुलह समझौता केंद्र और परिवार परामर्श केंद्र में इस तरह के 435 मामले लंबित हैं।
दंपति के बीच चल रहे विवादों के बाद पीड़ित महिला परिवार परामर्श केंद्र अथवा परिवार न्यायालय की शरण लेती हैं। इसमें शासन तथा कोर्ट ने समझौते के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं। कहा गया है समझौते के आधार पर निस्तारण होने से दंपति के बीच मनमुटाव समाप्त होता है।
दांपत्य जीवन सामंजस्य पूर्ण तरीके से गुजारने के लिए समझौता ही बेहतर उपाय है। परिवार परामर्श केंद्र में 175 तथा मध्यस्थता एवं सुलह समझौता केंद्र में 260 फाइलें लंबित हैं। दोनों केंद्रों में विवादों का समझौते के आधार पर निपटारा किया जाता है। सुनवाई के बाद समझौता होने पर लिखापढ़ी के बाद केंद्र से ही उनको विदा किया जाता है। दीवानी प्रक्रिया में परिवार न्यायालय में विचाराधीन मामलों को समझौते के लिए मध्यस्थता केंद्र में भेज कर समझौता कराया जाता है।
शर्तों का पालन करना जरुरी
मध्यस्थता केंद्र की सदस्य विनीता भदौरिया का कहना है केंद्र में समझौते के बाद दंपति को हिदायत देकर विदा किया जाता है। उन्हें समझौते की शर्तोें का पालन करना पड़ता है।
परिवार परामर्श केंद्र की सदस्य आराधना गुप्ता का कहना है मामूली से विवाद पर महिलाएं केंद्र तक आ जाती हैं। अगर परिवार के सदस्य पहल करके समझौता कराएं तो धन और समय की बर्बादी रुक सकती है।