मैनपुरी। नगर में स्थित दर्जनों सरकारी कार्यालय और निजी जर्जर भवन हादसों को आमंत्रण दे रहे हैं इनमें से कई में लोग रहते हैं तो कई भवनों के आसपास दुकानें बनी हुई हैं। बारिश में तो इनका हाल और बुरा हो रहा है। कभी भी गिर सकते हैं ऐसे में जनहानि और हादसा इतना बड़ा होगा किसी को अंदाजा भी नहीं है।
जर्जर भवनों से हमेशा लोगों की जान को खतरा बना रहता है। साल दर साल इस तरह के भवनों की संख्या बढ़ती जा रही है। इन भवनों के आसपास आबादी बस हुई है लोग इन भवनों के नीचे से गुजरते हैं। हर रोज सैकड़ों गाड़ियां निकलती हैं।
मंडी धर्मदास में कांग्रेस कार्यालय की ओर जाने पाले मार्ग पर बना गेट पूरी तरह जर्जर हो चुका है। दीवारों के चटकने से उनमें दरारें भी आ गई हैं। तेज बारिश होने पर गेट के गिरने की संभावना है। प्रशासन की इस ओर नजर ही नहीं पहुंची है।
आजाद नगर का पशु चिकित्सालय काफी जर्जर है। इसकी दीवारें चटक चुकी हैं तथा उनमें गहरी दरारें भी आ गई हैं। यहां पशुओं का इलाज कराने के लिए पूरे दिन लोग आते रहते हैं। जर्जर भवन में काम करने वालें कर्मचारी खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं तथा बारिश होने पर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेते हैं।
नटराज होटल वाली गली स्थित एक जर्जर भवन के नीचे कई दूकानें संचालित हैं। भवन में गहरी दरारें आ चुकी हैं। व्यस्ततम इलाका होने के कारण दूकानदारों तथा खरीदारों की जिंदगी को हमेशा खतरा बना रहता है। कई दूकानें तो मामूली बारिश में ही टपकने लगती हैं। दूकानों में रखा सामान भी खराब हो जाता है।
ब्लाक परिसर स्थित एडीओ समाज कल्याण का कार्यालय जर्जर होने के साथ ही दरारें आ चुकी हैं। यहां पूरे दिन लोगों का आना जाना बना रहता है। यह कार्यालय कभी भी गिर सकता है। संबंधित अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं।
शाह तालीमिया समिति के अध्यक्ष आफताब अल्वी का कहना है कि लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने वाले जर्जर भवनों के मालिकों को खुद ही भवन गिराने का नगर पालिका को नोटिस देना चाहिए। मालिकों के न गिराए जाने पर नगर पालिका को इन भवनों को खुद ही गिराना चाहिए।
पालिकाध्यक्ष साधना गुप्ता का कहना है कि बारिश के चलते नगर में जर्जर भवनों का चिन्हीकरण कराया जा रहा है। रिपोर्ट मिलते ही भवन मालिकों को नोटिस दिए जाएंगे। मंडी गेटों का मैने निरीक्षण करने के बाद उनको गिराने के आदेश दे दिए हैं।