इसके लिए ऑनलाइन सरकारी वेबसाइट से लोगों के नंबर का डाटा लेता था। जो लोग मकान लेने के लिए आवेदन कर चुके होते हैं, उन्हें कॉल करके मकान और ढाई लाख रुपये की सब्सिडी देने का आश्वासन देता था। जो लोग झांसे में आते थे, उनसे दो बार में 2100 और 5500 रुपये तक लिए जाते थे।
इसके बाद मोबाइल नंबर बंद कर लिया जाता था। वह अपने खातों में रकम जमा करता था। पुलिस की पूछताछ में 12 लोगों के नाम सामने आए थे। इस पर पुलिस ने ऐसे लोगों से फोन पर बात की। इनमें आगरा के 12 लोगों ने थाना पर आकर शिकायत दर्ज कराई। इनकी शिकायत को मुकदमे में शामिल कर लिया गया है।
इन बैंकों में खोले गए खाते
गैंग ने कुल 21 बैंकों में खाते खोल रखे थे। चूंकि आवास योजना में कम धनरशि जमा कराई जाती थी, इसलिए खाते भी अलग-अलग बैंकों में खोले गए। तीन बैंकों के खाते प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान दिलाने का झांसा देकर रकम जमा कराने के लिए खोले थे। इनमें कुलदीप ठाकुर के नाम पर एक्यूटास बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और फिनो बैंक में लव भारती के नाम से खाते खोले गए थे।
हादसे का शिकार हुई पुलिस टीम
शनिवार को पुलिस टीम सात आरोपियों को दो कार से लेकर नोएडा से आगरा आ रही थी। एसआई चेतन भारद्वाज दो सिपाहियों के साथ स्कॉर्पियो गाड़ी में थे। उनके साथ गाड़ी में आरोपी उमेश और विकास बैठे हुए थे। स्कॉर्पियो गाड़ी आरोपियों से बरामद हुई थी। दूसरी सरकारी गाड़ी में पांच आरोपी और पुलिस टीम थी।
यमुना एक्सप्रेसवे पर थाना मांट क्षेत्र में स्कॉर्पियो के पिछला टायर फट गया, जिससे गाड़ी पलट गई। चार पलटी खाने के बाद दूसरी तरफ जा पहुंची। इसमें तीन पुलिसकर्मी सहित आरोपी भी घायल हो गए। दूसरी गाड़ी में चल रही पुलिस टीम ने सभी को अस्पताल में उपचार कराया।
मध्य प्रदेश पुलिस ने पकड़ा बैंक मैनेजर
रेंज साइबर थाना पुलिस के मुताबिक, आरोपी विकास तिवारी गैंग के खाते खुलवाने में मदद करने वाला आईडीएफसी बैंक का मैनेजर प्रतीक और उसका साथी सौरभ मध्य प्रदेश की रायगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मैनेजर खाते खुलवाने में गैंग की मदद करता था। रायगढ़ के एक थाना में 29 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है। पुलिस ने इसी मामले में उनकी गिरफ्तारी की। गैंग के खिलाफ हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस को मिली है।