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मथुरा में डायरिया का कहर, अब तक 12 की मौत

Fri, 19 May 2017 09:04 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला टैंटीगांव (मथुरा)
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चिकित्सालय - फोटो : अमर उजाला
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मथुरा के सुरीर क्षेत्र में फैले डायरिया ने लगातार दूसरे दिन पांच लोगों की जिंदगी छीन ली। गांव सिर्रेला की महिला ने और गांव औहावा में दो बच्चों ने दम तोड़ दिया। लक्ष्मणपुरा, लालगढ़ी में दो की मौत हो गई। यहां 12 से अधिक गांव में सैकड़ों लोग बीमार हैं। अब तक डायरिया से मौतों की संख्या करीब 12 बताई जा रही है।
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डायरिया की शिकार गांव औहावा की ज्योति (12) पुत्री मेघश्याम, गुड्डी (01) पुत्री कालीचरन, लक्ष्मण पुरा की सविता (04) पुत्री लक्ष्मी नारायण ने शुक्रवार को दम तोड़ दिया। सिर्रेला गांव की नगमा अफरोज (30) पत्नी रियाजुद्दीन, चांदनी पुत्री प्रेमी (05) निवासी इरौली जुन्नारदार, विकास पुत्र मुकेश (11) निवासी गांव बेरा ने दम तोड़ दिया। गांव लालगढ़ी की किशोरी प्रभा की भी मौत गई।

क्षेत्र के गांव औहावा, भिदौनी, नगला गढ़रिया, बैकुंठपुर, सामौली, सरकोरिया, इरौली गूजर, हरनौल, लक्ष्मण पुरा, नगला जगरुपा, सिकंदरपुर, राजागढ़ी, सुदामागढ़ी, नया बांस, शीशागढ़ी, भदनवारा आदि गांव में डायरिया ने पांव पसार लिए हैं। कस्बा के आसपास ईंट-भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चे बीमार पड़े हैं।
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 गांव औहावा में प्रशांत (10), अंकित (07), तनुज (04), नगला जगरुपा में रश्मि (20), भिदौनी में भूरा (22), रोशनी (08), गुंजन (17), अंजू (15), गोविंद (06), नगला गढ़रिया में ऊषा (08), अविनेश (05), राजवीर (10), नीरज (12), जयपाल (10), जगवीर (06), गुंजन (06), जगन (08), ज्योति (06), पीयूष (07), सरकोरिया में रामू (06), योगिन्दी (03), सतेन्द्र (01), गुड़िया (06) बीमार हैं। 

वहीं मांट तहसील के 24 से अधिक बच्चों और 6 लोगों को शुक्रवार को वृंदावन स्थित सौ शय्या संयुक्त जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। सीएमएस डा. एसके मजूमदार ने बताया कि गांव जरुपा, सिरेला, नगला सुरीर के 24 से अधिक बच्चों का इलाज चल रहा है। साहिल, शिवरानी को आगरा रेफर किया गया है।

झोलाछापों के शिकंजे में सिसक रहे पांच सौ बीमार

अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की लापरवाही से झोलाछापों के लिए डायरिया का कहर एक अवसर बन गया है। हाल ये है कि 12 से अधिक गांवों के करीब पांच सौ से अधिक बीमार लोग इन झोलाछापों के चंगुल में फंसे हैं। ऐसे में मरने वालों की संख्या में और इजाफा हो सकता है।

सुरीर में डायरिया के कहर से दो दिन में ही दस लोग मर चुके हैं। मरने वालों में अधिकांश मजदूरों के बच्चे हैं। ये लोग झोलाछापों के चंगुल में थे। गांवों में लोग दम तोड़ रहे थे और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौतों से इंकार कर रहे थे। 

शुक्रवार को मामले में जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया। अपर जिला अधिकारी प्रशासन अजय अवस्थी, एसडीएम मांट सदानंद गुप्ता,  मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आरके नैय्यर अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ गांव पहुंचे। यहां उन्होंने चिकित्सकों की टीम को दिशा निर्देश दिए।

 
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