अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजाबाद। भगवान विश्वकर्मा एवं कोकिल कवि विद्यापति की जयंती सुहागनगरी में धूमधाम से मनाई गई। दो दर्जन मनमोहक झांकियां शामिल हुई। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भगवान विश्वकर्मा की आरती उतारी।
शोभायात्रा का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल ने आरती उतार कर किया। महापौर नूतन राठौर ने हरी झंडी दिखाई। शोभयात्रा राधाकृष्ण मंदिर से शुरू हुई जो घंटाघर, सदर बाजार, गंज चौराहा, जलेसर रोड, बर्फ खाना चौराहा, डाकखाना, कोटला रोड़, रैपुरा रोड़ होते हुए ठारपूठा स्थित सीएस रिसोर्ट में समापन हुई। शोभायात्रा यात्रा में ऊंट, घोड़े अगुवाई कर रहे थे।
वहीं राधाकृष्ण, शिवशंकर भगवान की मनमोहक झांकी आकर्षण का केंद्र रही। रामदरबार, कृष्ण, मां दुर्गा सहित अन्य स्वरूपों की झांकी को देखकर हर कोई भावविभोर हो गया। काली अखाड़े ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। शोभायात्रा पदाधिकारी भगवान विश्वकर्मा एवं कवि विद्यापति के डोले साथ चल रहे थे।
शोभायात्रा समापन पर सीएस रिसोर्ट में संगोष्ठी हुई इसमें समाज के बुजुर्गों का स्वागत किया। अध्यक्षता एबीएसए तरुण कुमार ने की। संचालन कैलाशबाबू ओझा ने किया। शोभायात्रा में भाजपा जिलाध्यक्ष बीएल वर्मा, महानगर अध्यक्ष कन्हैयालाल गुप्ता, अमित गुप्ता, शैलेश झा, राजेश कुमार, कैलाशबाबू ओझा, भूपेंद्र झा, प्रेमचंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।
विश्वकर्मा जयंती पर हुई संगोष्ठी
दाऊदयाल महिला महाविद्यालय में विश्वकर्मा जयंती धूमधाम से मनाई गई। शुभारंभ विश्वकर्मा के चित्र पर दीप प्रज्जवलन प्राचार्य डा. विनीता गुप्ता ने किया। बताया विश्वकर्मा वास्तुशास्त्र के सर्वश्रेष्ठ ज्ञाता हैं। संचालन डा. अंजु गोयल ने किया। संयोजक डा. विनीता यादव, डा. रंजना राजपूत, डा. प्रेमलता, डा. इंद्रा गुप्ता, डा. ममता अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
भगवान विश्वकर्मा ब्रह्मांड के पहले इंजीनियर थे
भगवान विश्वकर्मा की जयंती पाढ़म के मां सावित्री देवी प्रधान औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र में मनाई गई। प्रबंधक महेंद्र सिंह राणा एवं व्यवस्थापक सौरभ सिंह राणा ने वेदमंत्रों के साथ कालेज में लगी मशीनों का पूजन किया। छात्र-छात्राओं ने नाटक, गीत, कहानी, चुटकुलों से ज्वलंत समस्याओं पर कटाक्ष किए। सौरभ सिंह ने कहा विश्वकर्मा ब्रह्मांड के पहले इंजीनियर थे जिन्होंने लंका के साथ द्वारिका का निर्माण किया था। इस मौके पर रविंद्र सिंह वर्मा, राजेश बघेल, दिनेश, अवनीश कुमार मौजूद रहे।