मैनपुरी। साक्षर भारत मिशन योजना 2012 अपने उद्देश्यों पर खरा नहीं उतर सकी। जिले की 31 ग्राम पंचायतों में योजना शुरू होने से पहले ही खत्म हो गई। अब शासन योजना में कागजी खानापूरी कर योजना की इतिश्री करने का निर्णय लेने जा रहा है।
साक्षर भारत मिशन योजना 2012 के लिए जनपद में वर्ष 2010 में तैयारियां शुरू की गईं थी। योजना के तहत जनपद की तत्कालीन सभी 503 ग्राम पंचायतों में योजना का लाभ देने का निर्णय लिया गया था। इसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक लोक शिक्षा केंद्र की स्थापना की जानी थी।
जिले की 503 ग्राम पंचायतों में से 472 ग्राम पंचायतों में लोक शिक्षा केंद्र खोले गए यहां 924 प्रेरकों की तैनाती गई। 31 ग्राम पंचायतों में लोक शिक्षा केंद्रों पर एक भी प्रेरक का चयन नहीं किया जा सका। जिसके चलते इन ग्राम पंचायतों के निरक्षरों को योजना के तहत साक्षर नहीं बनाया जा सका। 31 दिसंबर के बाद योजना को बंद कर दिया गया है।