गोवर्धन (मथुरा)। गोवर्धन परिक्रमा मार्ग संरक्षण के लिए ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा चारदीवारी के निर्माण और जाली के लगाने पर एनजीटी ने रोक लगा दी है। एनजीटी ने साफ कहा कि परिक्रमा मार्ग में सरकारी और गैर सरकारी निर्माण पूर्णतय प्रतिबंधित रहेगा।
एनजीटी के न्यायाधीश रघुवेंद्र एस राठौर की अध्यक्षता में सुनवाई के दौरान गिरिराज जी पर चढ़ने वाले दूध के निस्तारण के लिए प्रशासन की ओर से 15 दिन का समय मांगा है। न्यायालय ने गिरिराज जी के पर्वत से दूरी बनाकर दूध के संयंत्र का निर्माण करने को कहा है। न्यायालय की ओर से स्पष्ट कहा है कि विकास के नाम पर गिरिराज जी के मूल स्वरूप के साथ छेड़छाड़ न करें। परिक्रमा मार्ग को वन क्षेत्र घोषित करते हुए हेरिटेज में शामिल करें। गिरिराज जी की ओर पक्का निर्माण सरकारी व गैर सरकारी न किया जाए। इस पर केंद्रीय पुरातत्व विभाग से भी जवाब दाखिल करने को कहा है। जिस निर्माण की तैयारी में तीर्थ विकास परिषद था, उसका शिलान्यास भी मुख्यमंत्री से कराया जा चुका है।
याचिकाकर्ता आनंद बाबा व कृष्णा सर्किट के चेयरमैन सत्य प्रकाश मंगल ने कहा कि जिला प्रशासन एनजीटी के दिशा निर्देशों का पालन नहीं कर रहा है। एनजीटी ने 17 बिंदुओं पर काम करने की गाइड लाइन जारी की हैं। परिक्रमा में वाहनों को नहीं रोका गया है। वाहनों के लिए पार्किंग स्थल नहीं बने हैं। परिक्रमा को जोड़ने वाले सर्विस रोड पर काम नहीं हुआ है।