एटा। अलीगंज विधानसभा में मतदाता सूची में हुए हेरफेर के मामले में नया खुलासा हुआ है। तहसील के दो कर्मचारियों ने निर्वाचन आयोग के लॉगिन और पासवर्ड को हैक करके मतदाता सूची में खेल किया था। मामले में जांच के बाद कंप्यूटर आपरेटर और रजिस्ट्रार कानूनगो को दोषी पाए जाने के बाद डीएम ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई की है।
पिछले दिनों अलीगंज विधानसभा के कुछ गांवों में मतदाता सूची में खेल किए जाने का मामला सामने आया था। इसे लेकर क्षेत्र से भाजपा विधायक सत्यपाल सिंह राठौर ने आपत्ति दर्ज कराई थी। साथ ही पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव और एक अधिकारी पर आरोप लगाते हुए धरना देने का एलान किया था। वहीं पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव की ओर से भाजपा विधायक पर आरोप लगाए गए थे। साथ ही निर्वाचन आयोग को शिकायत की गई। मामला बढने के बाद डीएम ने अलीगंज में तैनात ज्वाइंट मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर का तबादला कर दिया।
साथ ही एडीएम वित्त महेश चंद्र शर्मा को जांच सौंपी। जांच में सामने आया कि तहसील में तैनात कंप्यूटर आपरेटर जमील अहमद और लेखपाल रजिस्ट्रार कानूनगो पीपी आनंद ने मिलकर वोटर लिस्ट में खेल किया था। बताया जाता है कि कंप्यूटर आपरेटर जमील अहमद ने निर्वाचन आयोग की बेवसाइट पर लॉगिन आईडी और पासवर्ड को हैक करके फार्म नंबर सात में बदलाव किया था। जबकि यह सब रजिस्ट्रार कानूनगो के इशारे पर हुआ। मामले में जांच मिलने के बाद डीएम अमित किशोर ने जमील अहमद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कानूनगो लेखपाल पीपी आनंद को निलंबित कर दिया गया है। डीएम अमित किशोर ने बताया कि मामले में जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
असली गुनहगारों को बचा रहा प्रशासन
अलीगंज विधानसभा में वोटों में हुए हेरफेर के मामले में प्रशासन ने दो कर्मचारियों को दोषी बनाकर अपना कोरम पूरा कर लिया। मगर अब तक यह सामने नहीं आ सका है कि आखिर किसके इशारे पर कर्मचारियों ने इस काम को अंजाम दिया? ऐसे में सवाल फिर खड़े हो रहे हैं।
संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर जमील अहमद के खिलाफ अलीगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है, जबकि रजिस्ट्रार कानूनगो का कार्य देख रहे लेखपाल पीपी आनंद को निलंबित कर दिया गया है।
अमित किशोर, जिलाधिकारी