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स्कूलों में पढ़ाई चौपट, कचहरी में काम रहा ठप

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स्कूलों में पढ़ाई चौपट, कचहरी में काम ठप - फोटो : अमर उजाला
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एटा। स्कूलों में पढ़ाई चौपट हो गई है और कचहरी में काम ठप है। बच्चे शिक्षा से वंचित हैं और फरियादी न्याय को तरस रहे हैं। सोमवार को जिले में शिक्षामित्रों और अधिवक्ताओं की हड़ताल ने लोगों को बेहाल कर दिया। जिले से शिक्षामित्रों के लखनऊ धरने में जाने से स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई, तो वहीं आगरा में हाइकोर्ट बेंच की मांग को लेकर अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने से फरियादी भटकते नजर आए। अमर उजाला टीम ने स्कूलों का हाल जाना, तो कुछ विद्यालय पूरी तरह बंद थे, तो कहीं प्रधानाध्यापकों के सहारे शिक्षा व्यवस्था थी। इसके साथ ही कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं के चैंबर खाली पड़े रहे।
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तस्वीर-एक
प्राथमिक विद्यालय, शीतलपुर
विद्यालय में 108 बच्चे पंजीकृत हैं और दो शिक्षामित्र शिक्षक कार्यरत थे। मगर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षामित्र शिक्षक स्कूल नहीं आ रहे हैं। सोमवार को प्रधानाध्यापिका चंचल जैन स्कूल को चलाती मिलीं। वे बताती हैं कि अकेले ही स्कूल को संचालित करना पड़ रहा है। बीटीसी प्रशिक्षु इंटर्न करने आए थे, मगर अब वो भी चले गए हैं।
प्राथमिक विद्यालय, रूद्रपुर
जिले के प्राथमिक विद्यालय रूद्रपुर में भी ताला लगा मिला। विद्यालय में 70 बच्चे पंजीकृत हैं। दो शिक्षामित्र शिक्षक पठन-पाठन कराते थे, लेकिन पिछले कई दिनों से विद्यालय नहीं आ रहे हैं। इसके चलते शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
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तस्वीर-तीन
प्राथमिक विद्यालय प्रथम, मिरहची
मिरहची के प्राथमिक विद्यालय प्रथम में प्रधानाध्यापिका कमलेश वर्मा 160 बच्चों को पढ़ाती मिलीं। उन्होंने बताया कि विद्यालय में दो शिक्षामित्रों के नहीं आने से व्यवस्था प्रभावित है।
धरने में गए हैं 1700 शिक्षामित्र
प्रदेश सरकार के खिलाफ लखनऊ में आयोजित धरने में जिले से 1700 शिक्षामित्र प्रतिभाग करने गए हैं। शिक्षामित्र नेता राजेश गुप्ता ने बताया कि शिक्षामित्र हक नहीं मिलने तक शांत नहीं बैठेंगे।
अधिवक्ताओं के चैंबर रहे खाली, भटके फरियादी
कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के बैनर तले आगरा हाईकोर्ट बेंच स्थापना की मांग को लेकर सोमवार को अधिवक्ताओं ने हड़ताल की। इस दौरान चैंबर खाली पड़े रहे। वहीं अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया।
बोले फरियादी
गांव मिरहची से आए राम प्रवेश ने बताया कि वकीलों की हड़ताल हो गई है। हम तारीख करने के लिए आए थे। कोई काम नहीं हो सका। अब वापस लौट रहे हैं। रामेश्वर सिंह ने बताया कि वकीलों की हड़ताल के बारे में जानकारी नहीं थी। कोर्ट में तारीख भी नहीं हो सकी। वकील साहब आए नहीं हैं।

न्याय कार्य से विरत रहे वकीलों ने सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
आगरा में खंडपीठ स्थापित किए जाने की मांग को लेकर अधिवक्ता न्याय कार्य से विरत रहे। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं के हड़ताल पर रहने के चलते वादकारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
दशकों से जिले के अधिवक्ता उच्च न्यायालय खंडपीठ आगरा में स्थापित किए जाने को लेकर प्रयासरत है। बावजूद इसके राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते इसकी आगरा में स्थापना नहीं हो पा रही है। इसे लेकर सोमवार को अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। वकीलों ने कोर्ट में काम न करते हुए शासन से आगरा में खंडपीठ स्थापित किए जाने की मांग की। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद पचौरी और महासचिव राकेश यादव के संयुक्त नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने एडीएम को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा है।

आगरा में खंड पीठ स्थापना की मांग को अधिवक्ताओं ने किया कार्य बहिष्कार
कासगंज। आगरा में उच्च न्यायालय खंड पीठ की स्थापना कराए जाने की मांग के समर्थन में अधिवक्ताओं ने सोमवार को कार्य बहिष्कार किया। अधिवक्ताओं के कार्य बहिष्कार से न्यायिक कार्य रहा।
अधिवक्ताओं ने सोमवार सुबह न्यायालय परिसर में बैठक की। बैठक में आगरा में उच्च न्यायालय खंड पीठ स्थापना संघर्ष समिति से प्राप्त पत्र की जानकारी दी गई। अधिवक्ताओं ने आगरा के अधिवक्ताओं के समर्थन में कार्य बहिष्कार का समर्थन करने का निर्णय लिया। बैठक में अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर में बस्ते से होने वाली चोरी की घटनाओं पर भी रोष जताया। अधिवक्ताओं ने नव निर्माणाधीन न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के चेंबर के लिए सिटी रोड पर नया गेट बनाने के प्रस्ताव का विरोध किया। प्रशासनिक न्यायमूर्ति द्वारा कासगंज-बरेली मार्ग पर नया गेट बनाने को दिए गए आश्वासन के आधार पर नया गेट बनाने की मांग की गई। इस दौरान डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन अध्यक्ष नारायण स्वरूप सक्सेना, सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष शत्रुंजय गुप्ता, कासगंज बार एसोसिएशन अध्यक्ष जय कुमार सक्सेना, पीसी मिश्रा, सत्येद्र पाल सिंह बैस, आदर्श कुमार सक्सेना, प्रदीप कुमार सक्सेना, गुरुदयाल सिंह, अनिल मिश्रा, प्रमोद पुंडीर, रूप किशोर चांडक, प्रेम शंकर माहेश्वरी, रमेश सिंह सोलंकी, राजेश यादव मौजूद रहे।
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